यौन शोषण और सेक्स स्कैंडल के आरोपी हासन सीट से सांसद प्रज्वल रेवन्ना को मेडिकल जांच के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया है. एसआईटी कोर्ट से रेवन्ना की कस्टडी की मांग कर सकती है. सूत्रों की मानें तो एसआईटी प्रज्वल रेवन्ना का पोटेंसी टेस्ट कराने पर भी विचार कर रही है.
इससे पहले जेडीएस से निष्कासित सांसद प्रज्वल रेवन्ना को मेडिकल जांच के लिए बेंगलुरु के बॉरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल ले जाया गया. मेडिकल टेस्ट के बाद उसे सिटी सिविल कोर्ट में पेश किया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसआईटी प्रज्वल रेवन्ना की 14 दिनों की कस्टडी की मांग कर सकती है. हालांकि, अमूमन कोर्ट सात से 10 दिनों की कस्टडी ही देता है.
पोटेंसी टेस्ट क्या होता है?
एसआईटी ने अदालत को दो रिपोर्ट सौंपी हैं. जज ने एसआईटी को केस डेयरी पेश करने का निर्देश दिया है. कुछ सूत्रों की मानें तो एसआईटी रेवन्ना का पोटेंसी टेस्ट कराने पर भी विचार कर रही है. पुंसत्व जांच (पोटेंसी टेस्ट) ऐसे आपराधिक मामलों में की जाती है, जो रेप या यौन शोषण से जुड़ा हो. यह जांच किसी अधिकृत यूरोलॉजिस्ट द्वारा की जाती है, यह देखने के लिए कि व्यक्ति का पुंसत्व बरकरार है या नहीं.
एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुआ रेवन्ना
35 दिन बाद जर्मनी से लौटे रेवन्ना को बेंगलुरु में एयरपोर्ट पर लैंड करने के कुछ ही मिनट बाद एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया. वह 27 अप्रैल को देश छोड़कर भाग गया था. खास बात यह कि एयरपोर्ट पर जिस टीम ने रेवन्ना को गिरफ्तार किया उसमें सभी महिला सदस्य शामिल थीं.
फॉरेंसिक टीम उसका ऑडियो सैंपल भी लेगी, जिससे पता लगाया जाएगा कि वायरल सेक्स वीडियो में आ रही आवाज प्रज्वल की है या नहीं. प्रज्वल के खिलाफ अब तक यौन उत्पीड़न के तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं.