तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निलंबित नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी के बाद ममता सरकार ने पश्चिम बंगाल पुलिस के दो अफसरों को बशीरहाट जिले से हटा दिया है. शाहजहां शेख पर संदेशखाली की महिलाओं ने यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप लगाया है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बंगाल सरकार ने शुक्रवार को डायरेक्टर ऑफ इंटेलिजेंस ब्यूरो (डीआईबी) के डीएसपी सुजीत कुमार मंडल और इंस्पेक्टर काजल बनर्जी को उनके पद से हटा दिया गया है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पद से हटाने के बाद डीएसपी सुजीत कुमार मंडल को रानीगंज पुलिस थाने में तैनात किया गया है. जबकि, इंस्पेक्टर काजल बनर्जी का स्टेट सीआईडी में ट्रांसफर कर दिया गया है.
बैरकपुर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर राकेश चटर्जी को सुजीत मंडल की जगह भेजा गया है. बशीरहाट के साथ-साथ राकेश चटर्जी हिंगलगंज और हेमनगर पुलिस थाने को भी सुपरवाइज करेंगे. वहीं, काजल बनर्जी की जगह रक्तिम चटोपाध्याय को भेजा गया है. चटोपाध्याय इससे पहले पूर्ब वर्धमान जिले में सर्कल इंस्पेक्टर थे.
सुंदरबन के किनारे में स्थित संदेशखाली गांव लगभग दो महीनों से सुर्खियों में बना हुआ है. यहां की महिलाओं ने शाहजहां शेख और उसके करीबियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. साथ ही गांव के लोगों ने शेख पर जमीनें हड़पने का आरोप भी लगाया है.
इस साल 5 जनवरी को ईडी की टीम शाहजहां शेख के घर पर छापामारी करने गई थी. तब ईडी की टीम पर हमला हुआ था. उसके बाद से ही शाहजहां शेख फरार था. बीते हफ्ते कलकत्ता हाईकोर्ट ने 7 दिन के अंदर शाहजहां शेख को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था. इसके बाद गुरुवार को 55 दिन से फरार शाहजहां शेख गिरफ्तार हुआ था. फिलहाल स्थानीय कोर्ट ने शाहजहां को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.