विनायक दामोदर सावरकर उर्फ वीर सावरकर को लेकर चल रहे विवाद पर अब शिवसेना ने अपना स्टैंड क्लीयर किया है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि वीर सावरकर के बारे में जो भी भूमिका बीजेपी और आरएसएस को लेनी है वो ले, लेकिन शिवसेना की जो भूमिका वीर सावरकर के बारे में शुरू से रही है, वही रहेगी. वीर सावरकर हमारे आदर्श रहे हैं और रहेंगे.
मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि मैं मोहन भागवत, आरएसएस और भाजपा से सवाल करना चाहता हूं कि अगर उनके दिल मे वीर सावरकर के प्रति प्यार उमड़ा है तो सवाल ये है कि आप उन्हें भारत रत्न कब दे रहे हैं?
संजय राउत से जब सावरकर के माफी वाले मसले पर सवाल पूछा गया तब उन्होंने कहा कि जो स्वतंत्रता सैनानी 10 साल जेल में बंद था, उसने जेल में पड़े रहने की बजाए बाहर निकलकर देश की आजादी के लिए कुछ सकारात्मक किया तो वो माफी मांगना नही होता.
बता दें कि एक पुस्तक विमोचन समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा था कि सावरकर ने खुद नहीं, बल्कि गांधी जी के कहने पर दया याचिका लगाई थी. राजनाथ सिंह ने अंग्रेजों के समक्ष दया याचिका को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर ये बात कही थी.
इससे पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा था कि वीर सावरकर के खिलाफ आजादी के बाद से मुहिम चलाई जा रही है. राजनाथ सिंह और मोहन भागवत के बयान के बाद से कांग्रेस सहित कई दलों ने जुबानी संग्राम छेड़ दिया है. राजनाथ सिंह के बयान पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने यहां तक कह दिया कि ये अब नया 'राष्ट्रपिता' बना देंगे.