असम समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बुधवार की सुबह की शुरुआत अच्छी नहीं हुई. यहां पर भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं. असम के आसपास भूकंप का पहला झटका 6.4 की तीव्रता से आया, उसके बाद दो आफ्टरशॉक भी आए. जिनकी तीव्रता 4.3, 4.4 रही. पूर्वोत्तर में अभी किस तरह का भारी नुकसान हुआ है, अभी इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है. लेकिन पूर्वोत्तर में आए इस भूकंप के झटके ने 10 साल पुरानी याद ताजा कर दी है.
साल 2011 में सिक्किम में इतनी ही तीव्रता का एक भूकंप आया था, जिसने तबाही मचा दी थी. सिक्किम और उससे सटे पहाड़ी इलाके में भूकंप के झटके ऐसे आए कि हर ओर मातम छा गया. 18 सितंबर, 2011 को सिक्कम में 6.9 की तीव्रता से भूकंप आया था, जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, इस भयानक भूकंप में जान गंवाने वाले कई विदेशी भी थे.
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सितंबर, 2011 में रविवार के दिन जब सिक्किम में भूकंप आया, तो हर कोई दहल गया. इस भूकंप का असर सिक्किम के अलावा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, तिब्बत समेत अन्य हिमालय के क्षेत्रों में हुआ था. सिक्कम में आए उस भूकंप के कारण काफी तबाही हुई थी, हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था.
भूकंप का ये खतरा तब और भी बढ़ गया था जब भूकंप के झटकों के बाद लोगों का घर बर्बाद हो गया और वो सड़कों पर आ गए. लेकिन उस वक्त सिक्किम में बारिश का मौसम भी चल रहा था, ऐसे में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हाल थे और बाहर शरण ले रहे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था.
सिक्किम में भूकंप के बाद तत्कालीन केंद्र सरकार ने NDRF, सेना समेत अन्य एजेंसियों को राहत के काम में लगा दिया था. सितंबर, 2011 में आए सिक्किम में भूकंप के कुछ वक्त बाद हरियाणा में भी भूकंप आया था, जिसका असर दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुआ था, हालांकि उसका असर इतना अधिक नहीं था.