सिक्किम में लगातार बारिश और लैंडस्लाइड से हालात बिगड़ गए हैं. उत्तरी सिक्किम तबाह हो गया है. यहां अब भी 2000 पर्यटक फंसे हुए हैं. लगातार बारिश के कारण मंगन से लाचुंग तक कई जगहों पर लैंडस्लाइड से सड़क परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सिक्किम प्रशासन की ओर से पर्यटकों को निकालने की कोशिशें जारी हैं. यहां तक कि पर्यटकों को रेस्क्यू करने के लिए हेलिकॉप्टर भी तैयार हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण एयरलिफ्ट करना संभव नहीं हो पा रहा है.
सोमवार को करीब 50 पर्यटकों को किसी तरह अस्थायी मार्गों से रेस्क्यू किया गया और गंगटोक ले जाया गया था. फिलहाल, हालात ऐसे हो गए हैं कि उत्तरी सिक्किम के प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भी ठीक से नहीं पहुंच पा रही है. मंगलवार सुबह बारिश और लैंडस्लाइड के बाद बंगाल और सिक्किम बॉर्डर पर ऋषिखोला में नेशनल हाइवे-10 पर यातायात रुक गया है. इससे पहले लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण सिक्किम के मंगन जिले के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है.
सिक्किम का पश्चिम बंगाल से संपर्क टूटा
दरअसल, रातभर हुई भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 10 फिर से ध्वस्त हो गया है. सिक्किम का पश्चिम बंगाल से संपर्क टूट गया है. वलुखोला और लिखुवीर इलाकों में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी चट्टानें गिर गईं हैं, जिससे सड़क यातायात के लिए पूरी तरह से बंद हो गया. हालांकि, जिला प्रशासन तेजी से सड़क को सामान्य करने में जुट गया है.
एक हफ्ते से फंसे हैं पर्यटक
इससे पहले सोमवार दोपहर मंगन जिले के तूंग में फंसे पर्यटकों को सड़क मार्ग से निकालने का काम शुरू हुआ था. इस टीम को मंगन जिला मजिस्ट्रेट हेम कुमार छेत्री ने लीड किया. कुछ विदेशियों समेत पर्यटक पिछले एक सप्ताह से लाचुंग शहर में फंसे हुए हैं. मंगन जिले के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और लैंडस्लाइड से सड़क और संचार नेटवर्क ठप हो गए हैं, जिससे देश के बाकी हिस्सों से संपर्क बाधित हो गया है.
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) मंगन जिले से वाहनों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए सड़क नेटवर्क की बहाली में जुटा है. पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड के कारण सिक्किम में करीब 6 लोगों की मौत हो गई है. प्राकृतिक आपदा ने संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया है. कई क्षेत्रों में बिजली और खाद्य आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क बाधित हो गए हैं.
लगातार बारिश से बही लाचुंग सड़क
सिक्किम में लगातार बारिश का असर बंगाल और विशेष रूप से तीस्ता नदी पर पड़ा है. लाचुंग में एक घर बारिश के कारण बह गया. लाचुंग सड़क बह गई. तीस्ता से जुड़ने वाली सिंगतम, रंगफो (सिक्किम) नदी खतरे के स्तर को पार कर गई है, जिससे लोग डरे हुए हैं.
दूसरी ओर सिक्किम से आने वाला यह पानी तीस्ता में प्रवेश करता है और तीस्ता का पानी सड़क पर आने से संकट गहरा गया था. पिछले साल दिसंबर के महीने में तीस्ता में लैंडस्लाइड और जल प्रवाह के कारण पूरे इलाके की मुश्किलें बढ़ गई थीं. कई घरों में कीचड़ जमा हो गया था.