नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर विवाद जारी था ही इसी बीच सेंगोल भी चर्चा में आ गया है. प्राचीन काल में भी सत्ता हस्तांतरण का प्रतीक रहा यह बेशकमीती छड़ीनुमा दंड आधुनिक भारत की सत्ता का प्रतीक बनने जा रहा है. इसे लेकर कई राजनीतिक पार्टियां विरोध में हैं और संसद के उद्घाटन के साथ-साथ सेंगोल का भी विरोध कर रही हैं. शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी दोनों मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरानी ने कहा कि कांग्रेस की दुखती रग यह है कि भारत अब सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि जब कांग्रेस सत्ता में थी तो इसने देश की दो संस्थाओं को चोट पहुंचाई है.
कांग्रेस शासन में हर योजना के थे फर्जी लाभार्थीः स्मृति ईरानी
सेंगोल विवाद पर स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को कहा कि, सेंगोल जो धर्म का दंड है, सेंगोल भारत की लोकतांत्रिक आजादी का प्रतीक है. उसे गांधी खानदान ने नेहरू की एक छड़ी के रूप में बताया और उसे म्यूजियम के एक कोने में रखा. उन्होंने कहा कि सेंगोल का अपमान देश का अपमान है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, जब कांग्रेस सत्ता में थी तो राशन कार्ड, एलपीजी लाभ में करोड़ों फर्जी लाभार्थी थे. कांग्रेस शासन में छात्रवृत्ति में भी फर्जी लाभार्थी थे. बीजेपी ने 2 लाख 73 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत की है. कांग्रेस ने देश की दो संस्थाओं को चोट पहुंचाई है. एसबीआई ने कहा है कि उसका लाभ आज 58% अधिक है. जो कि 50,000 करोड़ से अधिक होता है.
'सिर्फ वाड्रा हुए बेरोजगार'
वहीं, एलआईसी ने मार्च तिमाही में बीती अवधियों की तुलना में 13,428 करोड़ का शुद्ध लाभ बताया है. यानी उसे 466% का लाभ हुआ है. भारत अब सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. क्या यही कांग्रेस की "दुखती रग" है. बेरोजगारी पर प्रियंका के ट्वीट पर स्मृति ईरानी ने कहा कि, बेरोजगार कोई और नहीं वाड्रा हुए हैं.
कांग्रेस पर बोला हमला
हताश कांग्रेस पार्टी इस बात को स्वीकार नहीं कर पाई कि कांग्रेस के राज में भारत की जीडीपी 112 करोड़ के पास थी. आज 272 करोड़ हो गई. जिस गरीब किसान को मोहरा बना कर कांग्रेस ने राजनीति के लिए इस्तेमाल किया, 11,000 करोड़ अपने बैंक खातों में डालें हैं, उस किसान का कभी भला नहीं किया.
किसानों का कभी नहीं किया भला
अब किसानों को दिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए गए हैं. 730 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी बढ़ाया गया है. कांग्रेस सरकार में खाद के लिए किसानों को लाइन में लगना पड़ता था. खाद की लाइन में खड़े किसान पर लाठीचार्ज होता था. आज वह सही दाम पर खाद पाता है. ये कांग्रेस के लिए दुख का विषय है.
ईरानी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि, उन्होंने राष्ट्रपति के खिलाफ मतदान किया. उन्होंने राष्ट्रपति के चुनाव के बाद उनका अपमान किया. अब वे उनका नाम ले रहे हैं. संसद के उद्घाटन का बहिष्कार देश का अपमान है. सेंगोल का अपमान देश का अपमान है. QN पर राष्ट्रपति को क्यों नहीं आमंत्रित किया गया.
क्या छत्तीसगढ़ में राज्यपालों के प्रति संवैधानिक सम्मान रखा गया?
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ विधानसभा का उद्घाटन करते समय राज्यपालों के प्रति संवैधानिक सम्मान रखा था? सोनिया गांधी द्रौपदी मुर्मू का नाम कैसे ले रही हैं, जब उन्होंने सभी पार्टियों से द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ वोट करने का आह्वान किया था. जो औपनिवेशिक मानसिकता में जकड़े हुए हैं. वे सांस्कृतिक, धार्मिक प्रतीक को नहीं समझेंगे. मैं एक नागरिक के रूप में खुश हूं कि जिस इतिहास से भारत को वंचित रखा गया था, वह अब संसद में आएगा और फलेगा-फूलेगा.
क्या कांग्रेस पार्टी ये कहना चाहती है कि वह हिंदू धर्म के खिलाफ हैं? महादेव के खिलाफ? नंदी के खिलाफ? गणित के खिलाफ? मंदिर के खिलाफ हैं. ईरानी ने कहा कि सेंगोल उस समय का प्रतीक है जब अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए थे. अगर अखिलेश जी सोनिया गांधी की तुलना अंग्रेजों से कर रहे हैं तो सोनिया जी को जवाब देना होगा.