आजतक के 'एजेंडा आजतक' कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने INDIA गठबंधन के भविष्य पर भी बात की. उन्होंने हालिया परिणामों पर तंज कसते हुए कहा कि INDIA गठबंधन भी होगा और सीट शेयरिंग भी होगी.
लेकिन यह पूछने पर कि गठबंधन में अपर हैंड किसका होगा? इस पर अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि बीजेपी हारे. सीटों को लेकर अभी फैसला नहीं हुआ है. किसको कितनी-कितनी सीटें मिलेंगी. अभी इस पर कोई बात नहीं हुई है. अभी एक ही मकसद है कि बीजेपी को कैसे हराया जाए और बीजेपी का मुकाबला कौन कर पाएगा. अब लड़ाई यही है.
इस सवाल पर कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के 12 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा है. लेकिन इसके बावजूद विपक्ष इस मुद्दे को भुना नहीं पा रही है. क्या इसकी वजह मजबूत विपक्ष या मजबूत विपक्षी नेता का नहीं होना है? इस पर सपा प्रमुख ने कहा कि जहां तक क्रेडिबल नेता की बात है तो समय और जनता नेता को खुद ढूंढकर खड़ा कर देगी.
PDA ही NDA को हराएगा
अखिलेश ने इस दौरान 'PDA' पर खुलकर बात की. पीडीए असल में अखिलेश यादव का दिया हुआ शब्द है. इसमें P से पीड़ित, D से दलित और A से अल्पसंख्यक हैं. लेकिन अब अखिलेश ने बताया कि इसमें A का मतलब अल्पसंख्यक, अगड़े और आदिवासी भी है.
उन्होंने कहा कि समाजवादी सामाजिक न्याय चाहते हैं. सामाजिक आंदोलन पीडीए से जुड़ा हुआ है. अगर जनगणना होगी तो सामाजिक न्याय भी होगा. यही सामाजिक न्याय आगे आने वाले समय में परिवर्तन लाने जा रहा है. सिर्फ पीडीए ही एनडीए को हटाएगा.
सपा प्रमुख ने कहा कि हाल के कुछ राज्यों के परिणामों से ये तो तय है कि जनता परिवर्तन चाहती है. यूपी में भी जनता बदलाव चाहती है तो बदलाव होगा. विपक्ष एकजुट होगा तभी ये संभव हो पाएगा.
MP के नए सीएम PDA का ध्यान रखें
वही, अखिलेश ने मध्य प्रदेश के नए सीएम मोहन यादव को लेकर भी अपनी बात रखी. अखिलेश ने कहा कि जो सीएम बने हैं, यादव जी, उन्हें पार्टी ने एक बड़े पद पर मौका दिया है. उस कुर्सी पर जिस भावना ने आपको बैठाया है, आप पीडीए का ख्याल रखिए. पीडीए आबादी में सबसे अधिक अगर कहीं है तो वह एमपी में है. यहां 70 फीसदी से ज्यादा पीडीए हैं. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि पहली कैबिनेट बैठक में पिछड़ों को 27 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया जाएगा.