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आजम खान को कोर्ट से बड़ी राहत, डूंगरपुर मामले में मिली जमानत

डूंगरपुर बस्ती में रहने वाले लोगों ने बस्ती को खाली कराने और मकान तोड़ने को लेकर 2019 में आजम खाने के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज कराया था. उन पर षडयंत्र रचने का आरोप भी लगाया गया था. रामपुर की MP/MLA विशेष सत्र कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया. 

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वरिष्ठ सपा नेता आजम खान.
वरिष्ठ सपा नेता आजम खान.

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को डूंगरपुर मामले में कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने इस मामले में आजम खान सहित आठ लोगों को बरी कर दिया है.

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डूंगरपुर बस्ती में रहने वाले लोगों ने बस्ती को खाली कराने और मकान तोड़ने को लेकर 2019 में कई धाराओं में मामला दर्ज कराया था. उन पर षडयंत्र रचने का आरोप भी लगाया गया था. रामपुर की MP/MLA विशेष सत्र कोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया है. 

बता दें कि इससे पहले आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी बड़ी राहत मिली थी. कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में आजम खान और उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुला आजम को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी थी. इसके साथ ही आजम खान की सजा पर रोक भी लगाई थी. वहीं तंजीम फातिमा और अब्दुल्ला आजम की सजा बरकरार रहेगी. रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने तीनों को 7 साल की सजा सुनाई थी.

फेक बर्थ सर्टिफिकेट केस में मिली थी 7-7 साल की सजा

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वही अब्दुल्ला आजम और आजम खान एक दूसरा मामला, रामपुर नगर पालिका की सफाई मशीन जौहर यूनिवर्सिटी में रखने के मामले में दर्ज हुई एफआईआर में रेगुलर बेल रामपुर कोर्ट से खारिज हो चुकी है. इस मामले में भी आजम खान और अब्दुल्ला आजम को हाइकोर्ट से बेल लेनी होगी.

बताते चलें कि पिछले साल फेक बर्थ सर्टिफिकेट केस में सपा नेता आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी करार देते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई गई थी. फेक बर्थ सर्टिफिकेट का यह केस साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव से जुड़ा है. तब अब्दुल्ला आजम ने रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उनकी जीत भी हुई थी.

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