दुनिया में सिर्फ 9 देश हैं, जिनके पास परमाणु हथियार हैं. इनमें भारत का नाम भी शामिल है. भारत के पास 160 परमाणु हथियार हैं. लेकिन अब ऐसा लगता है कि भारत इन हथियारों की संख्या बढ़ा रहा है. यह दावा किया है स्टॉकहोम के डिफेंस थिंक टैंक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने. सीप्री ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान के साथ भी ऐसा ही अंदाजा है. वह भी अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने में लगा है.
सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन भी अपने परमाणु हथियारों की ताकत में इजाफा कर रहा है. वह 300 से ज्यादा नए मिसाइल साइलो बना रहा है. साइलो जमीन के अंदर ऐसे गहरे और सिलेंडर जैसे सुराख होते हैं, जिनके अंदर से मिसाइल निकलती है. आमतौर पर उसमें रखी रहती है. ये मिसाइल परमाणु हथियारों से लैस हो सकते हैं. पिछले साल जनवरी में और इस साल जनवरी में चीन के पास परमाणु हथियारों की संख्या 350 ही बताई गई है.
चीन के पास है 350 परमाणु हथियार, पर मिसाइल साइलो ज्यादा
ये बात सच है कि चीन के पास पिछले दो साल से परमाणु हथियारों की संख्या 350 ही बताई जा रही है, लेकिन सीप्री के अनुसार पिछले साल चीन ने कई नए लॉन्चर्स फील्ड में उतारे हैं. यानी भले ही चीन के परमाणु हथियारों की संख्या कम बताई जा रही हो, लेकिन वह भी अपने वॉरहेड्स की संख्या बढ़ाने में लगा हो सकता है.
2021 से नहीं बढ़ी है पाकिस्तान के परमाणु हथियार की संख्या
भारत के पास जनवरी 2021 में 156 परमाणु हथियार थे, जो जनवरी 2022 में बढ़कर 160 हो गया है. सीप्री के अनुसार पाकिस्तान में दोनों ही समयों पर 165 परमाणु हथियार थे. सीप्री की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही परमाणु हथियारों को बढ़ाने में लगे हैं. भारत अपने परमाणु हथियारों का खुलासा आधिकारिक तौर पर नहीं करता. भारत और पाकिस्तान दोनों ही अपनी मिसाइलों के परीक्षण की जानकारी तो देते हैं, लेकिन कभी भी उसमें लगने वाले हथियारों की ताकत, आकार या क्षमता के बारे में नहीं बताते.
इन 9 देशों के पास हैं सबसे ज्यादा परमाणु हथियार
परमाणु हथियार भारत के पास भी हैं, लेकिन भारत की नीति है कि वह पहले परमाणु हथियार नहीं दागेगा. लेकिन पाकिस्तान में ऐसी कोई नीति या नियम नहीं बनाए गए हैं. जिन नौ देशों के पास परमाणु हथियार हैं- वो हैं अमेरिका, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तर कोरिया. रूस के पास 5977, अमेरिका के पास 5428, चीन के पास 350, फ्रांस के पास 290, यूके के पास 225, पाकिस्तान के पास 165, भारत के पास 160, इजरायल के पास 90 और उत्तरी कोरिया के पास 20 परमाणु हथियार हैं.
पूरी दुनिया में हैं 12,705 परमाणु हथियार
फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट (FAS) के मुताबिक पूरी दुनिया में 12,705 परमाणु हथियार मौजूद है. जिनमें से 9400 मिलिट्री के पास हैं, जिनका उपयोग मिसाइल, फाइटर जेट, जंगी जहाज या पनडुब्बी से किया जा सकता है. बाकी के परमाणु हथियारों को रिटायर कर दिया गया है लेकिन अभी वो सही सलामत हैं, उनको डिस्मैंटल करना बाकी है. दुनिया में 9440 परमाणु हथियार जो अलग-अलग देशों की मिलिट्री के पास हैं, उनमें से 3730 मिसाइल्स और बमवर्षकों में तैनात हैं. इनमें से भारत और पाकिस्तान ने अपने एक भी परमाणु हथियार तैनात नहीं कर रखे हैं. 3730 परमाणु हथियारों में से करीब 2000 परमाणु हथियार अमेरिका, रूस, ब्रिटिश और फ्रांस में हाई अलर्ट पर हैं. यानी शॉर्ट नोटिस पर दागने की तैयारी.
पाकिस्तान की मिसाइलों की जद में आधा हिंदुस्तान
पाकिस्तान के पास कम दूरी की मिसाइलें - नस्त्र, हत्फ, गजनवी और अब्दाली हैं. इनकी मारक क्षमता 60 से 320 किमी है, जबकि मध्यम दूरी की मिसाइलें- गौरी और शाहीन की मारक क्षमता 900 से 2700 किमी है. अगर इन दोनों मिसाइलें से हमला होता है तो दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, भोपाल, नागपुर, लखनऊ इसकी जद में आ सकते हैं. अब तबाही कितनी होगी यह निर्भर करता है मिसाइल में लगे हथियार पर. पारंपरिक हथियार लगाने पर बर्बादी कम होगी, लेकिन परमाणु हथियार लगाया तो नुकसान बहुत ज्यादा हो सकता है.
At the start of 2022, the 9 nuclear-armed states possessed an estimated 12 705 nuclear weapons:
— SIPRI (@SIPRIorg) June 13, 2022
USA🇺🇸 5 428
Russia🇷🇺 5 977
UK🇬🇧 225
France🇫🇷 290
China🇨🇳 350
India🇮🇳 160
Pakistan🇵🇰 165
Israel🇮🇱 90
North Korea🇰🇵 20
Read more in #SIPRIYearbook 2022 ➡️ https://t.co/9CNPQ5uHnT pic.twitter.com/XHFkK4SPB6
भारतीय मिसाइलों की रेंज में पूरा पाकिस्तान
भारत के पास कम दूरी की मिसाइल पृथ्वी है. इसकी मारक क्षमता 350 किमी है. अग्नि-I की रेंज 700 किमी, अग्नि-II 2000 किमी और अग्नि-III की रेंज 3000 किमी है. ये सभी सेना में शामिल की जा चुकी हैं. अग्नि-V की रेंज 5000 किलोमीटर है. यानी इन मिसाइलों की मदद से भारत, पाक के सभी शहरों को निशाना बना सकता है. अगर भारत, पाक पर परमाणु बम गिराता है तो इससे रावलपिंडी, लाहौर, इस्लामाबाद, नवशेरा और कराची शहर पूरी तरह बर्बाद हो सकते हैं.
भारत और पाकिस्तान की परमाणु नीति
भारत ने 1999 में 'नो फर्स्ट यूज' की परमाणु नीति घोषित की थी. यानी भारत कभी भी एटॉमिक हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करेगा. भारत केवल परमाणु हमला होने की स्थिति में अपने परमाणु बमों का सहारा लेगा. वहीं, पाकिस्तान में ऐसा कोई नियम या कायदा नहीं है. यह पाकिस्तान के नेताओं और उच्च सैन्य अधिकारियों पर निर्भर करता है कि उन्हें कब और किस स्थिति में परमाणु हमला करना है.
India appears to be expanding its nuclear arsenal; had 160 nuclear warheads as on Jan 2022: Stockholm-based defence think tank SIPRI
— Press Trust of India (@PTI_News) June 13, 2022
करगिल युद्ध के दौरान PAK ने तैनात कर दिए थे परमाणु हथियार
1999 में करगिल युद्ध करीब दो महीने तक चला था. इसमें भारत की जीत हुई थी. युद्ध खत्म होने के तीन साल बाद, 2002 में यह खुलासा हुआ था कि पाक ने इस दौरान परमाणु हथियार तैनात कर दिए थे. CIA एनालिस्ट ब्रूस रिडल ने बताया था कि 1999 में यूएस सैटेलाइट चित्रों से पता चला था कि पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए परमाणु हथियारों को तैनात कर दिया था.