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ममता से मीटिंग के बाद सुब्रमण्यम स्वामी ने जारी किया मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड!

स्वामी ने ट्वीट कर लिखा है कि मैं अपने राजनीतिक जीवन में जितने भी नेताओं से मिला हूं, ममता बनर्जी मुझे जेपी, मोराजी देसाई, राजीव गांधी, चंद्रशेखर और पीवी नरसिम्हा राव की याद दिलाती हैं. वे भी सिर्फ वहीं कहती हैं जो कर सकती हैं.

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सीएम ममता से मिले सुब्रमण्यम स्वामी
सीएम ममता से मिले सुब्रमण्यम स्वामी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ममता से मीटिंग के बाद सुब्रमण्यम स्वामी का बड़ा बयान
  • जारी किया मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड

राजधानी दिल्ली आईं सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी से भी मुलाकात की. उस मुलाकात में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, अटकलें भी लगाई गईं और सियासी संदेश भी देखने को मिल गए. अब खुद स्वामी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर अपनी उस मुलाकात की जानकारी दी है. उन्होंने ममता बनर्जी की भी खुलकर तारीफ की है और मोदी सरकार को कई पहलुओं पर फेल बता दिया है.

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स्वामी ने ट्वीट कर लिखा है कि मैं अपने राजनीतिक जीवन में जितने भी नेताओं से मिला हूं, ममता बनर्जी मुझे जेपी, मोरारजी देसाई, राजीव गांधी, चंद्रशेखर और पीवी नरसिम्हा राव की याद दिलाती हैं. वे भी सिर्फ वही कहती हैं जो कर सकती हैं. उनकी हर बात का मतलब होता है. ये एक नेता की दुर्लभ खासियत रहती है. अब स्वामी सिर्फ यहीं पर नहीं रुके. उन्होंने अपनी ही पार्टी, अपनी ही सरकार को कई मामलों में फेल करार दिया.

उन्होंने लिखा कि अर्थव्यवस्था में फेल, सीमा सुरक्षा में फेल, अफगानिस्तान मुद्दे पर फेल, राष्ट्रीय सुरक्षा में पेगासस, अंतरिम सुरक्षा में कश्मीर की चिंताजनक स्थिति. अब इस सब के लिए कौन जिम्मेदार है? अब ये कोई पहली बार नहीं है जब स्वामी ने अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हों. इससे पहले भी कई बड़े मुद्दों पर उन्होंने ऐसा स्टैंड लिया है कि पार्टी के लिए उनको डिफेंड करना मुश्किल साबित हो जाता है.

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वैसे स्वामी हाल ही में स्वामी ने चीन नीति को लेकर भी मोदी सरकार को घेरा था. उन्होंने कहा था कि MEA और NSA सो रहे हैं और चीन हमारी जमीन पर कब्जा करता जा रहा है. उनके मुताबिक केंद्र सरकार ने भारत माता के सिर झुका दिया और एक आक्रमणकारी देश को मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया गया.

सीएम ममता बनर्जी की बात करें तो उन्होंने पीएम मोदी से भी दिल्ली में मुलाकात की थी. उस मुलाकात के दौरान त्रिपुरा हिंसा और बीएसएफ क्षेत्र बढ़ाने जैसे मुद्दों पर मंथन हुआ था. अटकलें तो ये भी थीं कि ममता, सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगी,लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ.

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