scorecardresearch
 

तमिलनाडु की स्टरलाइट कंपनी में ऑक्सीजन उत्पादन शुरू करवाने के लिए एक्शन में सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कुछ लोगों को स्टरलाइट से दिक्कत हो या तमिलनाडु सरकार की खुशफहमी हो, लेकिन इन वजहों से देश के दूसरे हिस्सों के नागरिकों को मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता.

Advertisement
X
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • स्थानीय लोगों के विरोध के बाद से बंद है स्टरलाइट
  • तमिलनाडु सरकार का निष्क्रिय है रुख
  • कोर्ट ने कहा- विरोध हो चाहे खुशफहमी, उत्पादन जरूरी
  • अगली सुनवाई सोमवार को

तमिलनाडु के टूटीकोरीन बंदरगाह वाले इलाके में वेदांता समूह की कॉपर कंपनी स्टरलाइट में ऑक्सीजन उत्पादन यूनिट चालू करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को आगे की सुनवाई बढ़ाएगा. शु्क्रवार को हुई सुनवाई में कोर्ट की अहम टिप्पणी सामने आई है, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि कुछ लोगों को स्टरलाइट से दिक्कत हो या तमिलनाडु सरकार की खुशफहमी हो, लेकिन इन वजहों से देश के दूसरे हिस्सों के नागरिकों को मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता.

Advertisement

साल 2018 में कानून व्यवस्था की दुहाई देते हुए इस कारखाने को बंद कर दिया गया था. प्लांट के आसपास रहने वाले लोगोॆ को इस प्लांट से आपत्ति थी. स्थानीय लोगों की ओर से कोलिन गोंजाल्विस ने कोर्ट में कहा कि लोगों को इसकी वजह से कैंसर जैसी बीमारियों से सामना करना पड़ रहा है. लोग परेशान हैं. वहीं सरकार को लगता है कि राज्य में ऑक्सीजन की जरूरत के मुताबिक समुचित सप्लाई है. लिहाजा हमें अतिरिक्त उत्पादन की जरूरत नहीं.

लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि मामला और समस्या सिर्फ तमिलनाडु से ही जुड़ी हुई नहीं है बल्कि मामला पूरे देश का है. ऐसे में इस संकट की घड़ी में स्थानीय लोगों की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए पहले ऑक्सीजन उत्पादन सुनिश्चित करना जरूरी है. 

सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई के दौरान बताया गया कि तमिलनाडु सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने मद्रास हाईकोर्ट को बताया था कि राज्य सरकार उसे अपने नियंत्रण में लेने को राजी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कहा कि नियंत्रण किसी का भी हो लेकिन ऑक्सीजन का उत्पादन सुनिश्चित होना चाहिए. चाहे ए बी सी कोई भी प्लांट चलाए, लेकिन ऑक्सीजन बनाए और सप्लाई सुनिश्चित कराए.

Advertisement

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि देश अभी गंभीर संकट से जूझ रहा है. अभी सबसे बड़ी जरूरत है कि देश में कहीं भी ऑक्सीजन का उत्पादन हो और सभी ओर सप्लाई हो. सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता समुूह को आदेश दिया है कि सोमवार को वो इस मामले में अपना जवाब दाखिल करे.

 

Advertisement
Advertisement