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CJI संजीव खन्ना ने जारी किया SC का नया रोस्टर, 3 बेंच पर जनहित याचिकाओं की जिम्मेदारी

कई गंभीर मसलों पर नागरिक सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखते हैं. जनहित याचिकाओं यानी PIL पर खुद चीफ जस्टिस और उनके साथ वरिष्ठता क्रम में जस्टिस भूषण आर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी.

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जस्टिस संजीव खन्ना
जस्टिस संजीव खन्ना

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के नए चीफ जस्टिस संजीव खन्ना (Sanjiv Khanna) ने कोर्ट की 16 पीठों के लिए नया रोस्टर जारी किया है. रोस्टर के मुताबिक, चीफ जस्टिस और दो सबसे सीनियर जजों की अगुआई वाली अदालतें जनहित और पत्र याचिकाओं पर सुनवाई करेंगी. नए मुकदमों के आवंटन के लिए ये रोस्टर चीफ जस्टिस के आदेश के तहत सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने अधिसूचित किया है. यह रोस्टर 11 नवंबर से ही प्रभावी हो गया है.

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कई गंभीर मसलों पर नागरिक सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखते हैं. जनहित याचिकाओं यानी PIL पर खुद चीफ जस्टिस और उनके साथ वरिष्ठता क्रम में जस्टिस भूषण आर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी.

पत्र याचिकाओं और जनहित याचिकाओं के अलावा, विषयवार CJI की अगुआई वाली बेंच सामाजिक न्याय से संबंधित मामले, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति के चुनाव से संबंधित विवाद और सांसदों-विधायकों के चुनाव से संबंधित अन्य मामले, बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले और मध्यस्थता से जुड़े मुकदमों पर सुनवाई करेगी.

इससे पहले थी अलग व्यवस्था

जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच चुनाव संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. पूर्व CJI यूयू ललित सभी पीठों को जनहित याचिकाएं आवंटित कर रहे थे लेकिन उनके बाद यह प्रोसेस बंद हो गया. उनके बाद जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मुकदमों के आवंटन के लिए ज्यादा विविधतापूर्ण और लचीला नजरिया अपनाया. 

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अब नए रोस्टर को केस वितरण में पारदर्शिता बनाए रखते हुए न्यायिक दक्षता को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. नए रोस्टर में बेंच की अगुआई करने वाले 16 सीनियर जजों को विषयवार मामलों का आवंटन किया गया है.

यह भी पढ़ें: मुख्य न्यायाधीश के तौर पर सिर्फ 6 महीने ही क्यों काम करेंगे जस्टिस संजीव खन्ना, ये है वजह

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला पूर्व सीजेआई जस्टिस चंद्रचूड़ के साथ बेंच साझा कर रहे थे. अब दैनिक दीवानी मामलों के अलावा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर मामलों की सुनवाई करेंगे. तीन वरिष्ठतम न्यायाधीशों के अलावा अन्य 13 न्यायाधीश- जस्टिस हृषिकेश रॉय, जस्टिस अभय एस ओक, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जेके माहेश्वरी, जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस सीटी रविकुमार, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस बेला माधुर्य त्रिवेदी, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस सुधांशु धूलिया, जस्टिस जेबी पारदीवाला, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस पंकज मित्थल शामिल हैं.

मामलों की देखरेख का अब 16 सीनियर जज सब्जेक्ट-स्पेसिफिक पीठों की एक श्रृंखला की अध्यक्षता यह सुनिश्चित करते हुए करेंगे, जिससे हर एक जज अपने अनुभव और विवेक का लाभ इन मामलों पर सुनवाई से लेकर फैसले में दिखे. जस्टिस पारदीवाला अब सामान्य दीवानी मामलों के अलावा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर मामलों की सुनवाई करेंगे.

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