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कोरोना की मार झेल रहे सेक्स वर्करों को सस्ते दाम पर मिलेगा राशन, SC का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन और जिले की संस्थाओं द्वारा जिन सेक्स वर्करों की पहचान की गई है, उन सभी को राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश सूखा राशन मुहैया कराए.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (इंडिया टुडे फाइल फोटो)
प्रतीकात्मक तस्वीर (इंडिया टुडे फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आर्थिक मदद देने पर विचार करे केंद्र-SC
  • कोरोना काल में बुरे दौर में गुजर रहे सेक्स वर्कर
  • 4 हफ्ते में हलफनामा दाखिल करे राज्य सरकार

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सहमति जतायी है कि राज्यों में सेक्स वर्कर्स को कम कीमतों यानी कि छूट पर राशन मुहैया कराया जाए. 

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इस मामले में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सभी सेक्स वर्करों को सूखा राशन मुहैया कराए. 

अदालत ने कहा कि नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन और जिले की संस्थाओं द्वारा जिन सेक्स वर्करों को पहचान की गई है, उनसभी को राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश सूखा राशन मुहैया कराए. अदालत ने यह भी कहा है कि राशन देने के दौरान सरकारी एजेंसियां राशन कार्ड मांगने पर जोर न दे. 

कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से भूखमरी की कगार पर पहुंच चुके सेक्स वर्करों की समस्या पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 4 हफ्ते में हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा कि इन 4 हफ्तों में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों ने कितने किसानों को सूखा राशन मुहैया कराया है. 

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केंद्र सरकार ने सेक्स वर्करों को सूखा राशन मुहैया कराने पर सहमति जताई है. 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा है कि जिस तरह उसने ट्रांसजेंडरों को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई है उसी तर्ज पर क्या सेक्स वर्करों को भी ये आर्थिक सहायता दी जा सकती है.  

सुप्रीम कोर्ट के इस सवाल पर केंद्र के वकील ने कहा कि वह इस पर सरकार से निर्देश लेकर अदालत को सूचित करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद सभी राज्य सरकारें सेक्स वर्कर्स को राशन कार्ड मुहैया कराने समेत अन्य व्यवस्थाओं पर जवाब दाखिल करेंगी.

 

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