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हाथरस केस: चीफ जस्टिस बोले- ये शॉकिंग केस, गवाहों की सुरक्षा जरूरी

हाथरस गैंगरेप केस को दाखिल याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. यूपी सरकार ने हलफनामा दाखिल करके मामले की सीबीआई जांच कराने का आदेश देने की मांग की.

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सुप्रीम कोर्ट में हुई केस की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में हुई केस की सुनवाई
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हाथरस कांड पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
  • यूपी सरकार ने अदालत में दिया हलफनामा
  • चीफ जस्टिस ने बताया हैरान करने वाला मामला

उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए गैंगरेप कांड पर मंगलवार को देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई हुई. यूपी सरकार की ओर से इस मामले को सीबीआई को सौंपने और अदालत की निगरानी करने की बात कही गई. लेकिन केस को लेकर चीफ जस्टिस एस. ए. बोबडे ने भी टिप्पणी की. चीफ जस्टिस ने कहा कि ये केस चौंकाने वाला है. 

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि अभी इस मामले को हम तुरंत इसलिए सुन रहे हैं, क्योंकि ये शॉकिंग केस है. अदालत ने महिला वकीलों की ओर से पेश वकील से पूछा कि हम ये मानते हैं कि ये चौंकाने वाली घटना है, लेकिन आप लोग इलाहाबाद हाई कोर्ट क्यों नहीं गए.

चीफ जस्टिस ने कहा कि क्यों ना इस केस की पहले सुनवाई हाई कोर्ट करे, क्योंकि जो बहस यहां हो सकती है वहां पर भी हो सकती है. सरकार की ओर से पेश हुए तुषार मेहता ने कहा कि कुछ लोगों ने परिवार से कहा है कि वो उन्हें 50 लाख का मुआवजा देने की बात कर रहे हैं.  

सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़ित पक्ष, गवाहों की सुरक्षा के लिए यूपी सरकार से जवाब मांगा, जिसके बदले में सरकार ने कल तक हलफनामा दायर करने की बात कही है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़ित परिवार, गवाहों की सुरक्षा की तय करेगी कि हाथरस केस की जांच सही हो रही है या नहीं.

याचिकाकर्ता की ओर से इस केस को यूपी से बाहर ट्रांसफर करने की बात कही गई. जिसपर अदालत ने पूछा कि आप केस की जांच ट्रांसफर करने की बात कर रहे हैं या फिर सुनवाई बाहर करने को कह रहे हैं. याचिकाकर्ता ने सीबीआई जांच पर सवाल खड़े किए और कहा कि पीड़ित परिवार इससे संतुष्ट नहीं है. एसआईटी बनाई जाए और अदालत ही उसकी निगरानी करे. 

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