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सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने सबरीमाला मंदिर में किए दर्शन, महिलाओं के प्रवेश से जताई थी असहमति

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने सबरीमाला मंदिर में दर्शन किए. इस दौरान जस्टिस मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य सबरीमाला की यात्रा करना है और वह किसी और मामले में बात नहीं करना चाहती हैं. 

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सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने सबरीमाला मंदिर में दर्शन किए.
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने सबरीमाला मंदिर में दर्शन किए.

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश मामले में सुप्रीम कोर्ट की बेंच की सदस्य रहीं जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने कल यानी शुक्रवार को मंदिर का दौरा किया. वह शुक्रवार की रात पंपा से सबरीमाला पहुंचीं और मंदिर में दर्शन किए. 

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सबरीमाला मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य सबरीमाला की यात्रा करना है और वह किसी और मामले में बात नहीं करना चाहती हैं. 

बता दें कि जब सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की बेंच ने सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश संबंधी फैसला सुनाया था तो जस्टि इंदु मल्होत्रा ने महिलाओं के प्रवेश के पक्ष में दिए गए फैसले से असहमति जताई थी. इस मामले में सुनवाई कर रही 5 सदस्यीय संविधान पीठ में जस्टिस इंदु मल्होत्रा एकमात्र महिला न्यायाधीश थीं.  

2018 में महिलाओं के पक्ष में सुनाया गया था फैसला

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सर्वोच्च अदालत ने 2018 में ही फैसला सुना दिया था. अदालत ने 10 से 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत दे दी थी, अदालत के इसी फैसले पर कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई थीं. उसके बाद 5 जजों की बेंच ने इस पर 3-2 से फैसला सुनाया था. जिसमें जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने भी महिलाओं के प्रवेश पर असहमति जताई थी. इसके बाद ये केस सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की बेंच के पास चला गया था.
 

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