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PMLA मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ED पर उठाए सवाल, कहा- मौखिक सबूतों की बजाय वैज्ञानिक सबूतों पर जांच करे

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन मामले में आरोपी की अंतरिम जमानत को नियमित जमानत करते हुए कहा कि आरोपी ने जमानत का मामला बनाया है. पीठ उस मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें शीर्ष अदालत ने छत्तीसगढ़ के व्यवसायी सुनील कुमार अग्रवाल को अंतरिम जमानत दी थी.

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सुप्रीम कोर्ट ने ED पर उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने ED पर उठाए सवाल

PMLA मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ED पर कई सवाल उठाते हुए कहा कि 5 हजार मामलों में सिर्फ 40 को सजा हुई. इन आंकड़ों को देखते हुए ED को अभियोजन की गुणवत्ता पर ध्यान रखने की जरूरत है. आज के वैज्ञानिक युग में आप सिर्फ गवाहों के बयान पर निर्भर नहीं रह सकते. लिहाजा आपको वैज्ञानिक सबूत भी जुटाने चाहिए. जब आप खुद साबित नहीं कर सकते कि कोई दोषी है तो उसे साबित करने का भार आरोपी पर है. घोड़े के आगे गाड़ी मत लगाइए.

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सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन मामले में आरोपी की अंतरिम जमानत को नियमित जमानत करते हुए कहा कि आरोपी ने जमानत का मामला बनाया है. पीठ उस मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें शीर्ष अदालत ने छत्तीसगढ़ के व्यवसायी सुनील कुमार अग्रवाल को अंतरिम जमानत दी थी. उनको कोयला परिवहन पर अवैध लेवी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था.

अदालत ने कहा था कि वह पहले ही एक साल और सात महीने की कैद काट चुके हैं. सुनवाई के दौरान जस्टिस उज्जल भुइयां ने ED की ओर से पेश ASG एसवी राजू को कहा कि पंजीकृत 5000 मामलों में से 40 में दोषसिद्धि हुई है. अब आप कल्पना कर सकते हैं.

बेंच की अगुवाई कर रहे जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आपको अभियोजन की गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि ये ऐसे गंभीर आरोप हैं जो इस देश की अर्थव्यवस्था को बाधित कर रहे हैं. यहां आप कुछ व्यक्तियों द्वारा दिए गए बयानों पर जोर दे रहे हैं. लेकिन इस तरह के मौखिक सबूतों से क्या होगा? कल को भगवान जाने कि वे इस पर कायम रहते हैं या नहीं.

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