गर्मी की छुट्टियों के दौरान सात सप्ताह के ब्रेक के बाद, सुप्रीम कोर्ट 8 जुलाई को फिर से खुल रहा है. कोर्ट खुलने के साथ ही कई मामलें ऐसे हैं जो पेंडिंग हैं और उनकी सुनवाई होनी है. इनमें NEET UG, हाथरस भगदड़, बिहार के ढह रहे पुल, ईडी मामले में गिरफ्तारी रद्द करने की केजरीवाल की याचिका, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अल्पसंख्यक दर्जे पर संविधान पीठ के फैसले, भ्रामक विज्ञापनों पर सुनवाई और कुछ नामों पर शीर्ष अदालत द्वारा सुनवाई और निर्णय लिया जाएगा. .
नीट यूजी पेपर लीक
जैसे ही भारत की शीर्ष अदालत फिर से खुलेगी, हजारों छात्रों की उम्मीद है कि NEET UG की याचिका पर सुनवाई पर होगी. छात्रों ने मामले में पुनर्परीक्षा की मांग की है. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ 8 जुलाई 2024 को NEET UG 2024 से संबंधित याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई करने वाली है. NEET-UG 2024 5 मई को 4,750 केंद्रों पर आयोजित किया गया था और लगभग 24 लाख उम्मीदवार मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए उपस्थित हुए थे.
हाथरस भगदड़
उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ को लेकर वकील विशाल तिवारी की जनहित याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में 5 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति से जांच कराने का अनुरोध किया गया है. याचिका में घटना के लिए जिम्मेदार लोगों और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश देने का भी अनुरोध किया गया है. याचिका में ऐसे समारोहों के आयोजन के लिए गाइडलाइन बनाने की अपील की गई है.
बिहार में ढह रहे पुलों पर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है, जिसमें बिहार सरकार को सभी मौजूदा पुलों और निर्माणाधीन पुलों के निर्माण की हाईलेवल ऑडिट करने की मांग की गई है. इसके साथ ही कमजोर ढांचे को ध्वस्त करने या फिर से बनाने का निर्देश देने की भी मांग की गई है. बारिश से प्रभावित राज्य में पिछले 15 दिनों में नौ पुल ढह गए. ब्रजेश सिंह द्वारा दायर याचिका में सभी पुलों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति के गठन की मांग की गई है.
बिहार सरकार का आरक्षण मामला
बिहार सरकार ने आरक्षण पर पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट बिहार सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगा. इस याचिका में पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है, जिसने सार्वजनिक रोजगार और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत किए जाने के सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है.
पटना उच्च न्यायालय ने पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण 50 से बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने के अपने फैसले को रद्द कर दिया था. जाति-आधारित सर्वेक्षण रिपोर्ट के बाद, नीतीश कुमार सरकार ने पिछले साल नवंबर में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में वंचित वर्गों के लिए कोटा बढ़ा दिया था. हाईकोर्ट ने बिहार विधानसभा द्वारा पारित संशोधनों को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि वे संविधान की शक्तियों से परे हैं और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के तहत समानता खंड का उल्लंघन करते हैं.
सीएम केजरीवाल का मामला
केजरीवाल ने ईडी मामले में अपनी गिरफ्तारी रद्द करने की मांग की याचिका दायर की है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले के तहत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आने वाले दिनों में अपना फैसला सुना सकता है. जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ ने 17 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का अल्पसंख्यक दर्जा
सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संविधान पीठ ने फरवरी में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. भारत के संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त है या नहीं, यह तय करने के लिए अदालत आने वाले दिनों में अपना आदेश सुनाएगी. संविधान के अनुच्छेद 30 में प्रावधान है कि सभी अल्पसंख्यकों को, चाहे वे धर्म या भाषा पर आधारित हों, अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और संचालित करने का अधिकार होगा.
समलैंगिक विवाह समीक्षा याचिकाएं
समलैंगिक विवाह मामले में संविधान पीठ के फैसले को चुनौती देने वाली समीक्षा याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 10 जुलाई को चैंबर में विचार करेगा.
सुप्रीम कोर्ट में विशेष लोक अदालत
अपने विवादों को सौहार्दपूर्ण और शीघ्रता से निपटाने के लिए भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 जुलाई से 3 अगस्त तक एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा.
नये आपराधिक कानूनों में वैवाहिक बलात्कार को छूट देने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई होनी है. सुप्रीम कोर्ट न्यू क्रिमिनल लॉ में वैवाहिक बलात्कार के अपवाद को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुनवाई करेगा. याचिका AIDWA की ओर से दायर की गई है.