बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी लीडर शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर राज्य में मिड डे मील के पैसों का गलत इस्तेमाल होने का आरोप लगाया है. अपने पत्र में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने मिड डे मील योजना के लिए बंगाल सरकार को जो पैसे भेजे थे, उनका दुरुपयोग किया जा रहा है.
अपनी चिट्ठी में शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि मिड डे मील के पैसों का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए किया जा रहा है. इसके अलावा राज्य अपनी योजनाओं जैसे दुआरे राशन योजना में भी इस फंड का इस्तेमाल कर रही है.
चिट्ठी में आगे शुभेंदु ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री की सुभेच्छा बार्ता (अभिवादन), फैक्स और पत्रक छपाई का वितरण के अलावा पंचायत और नगर पालिका चुनाव के आकस्मिक व्यय के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
क्या है दुआरे राशन योजना?
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में दुआरे राशन योजना का ऐलान किया था. इसके तहत राज्य सरकार लाभार्थियों को उनके घरों तक राशन पहुंचाती है. ममता बनर्जी ने दुआरे राशन योजना की शुरुआत करते हुए कहा था कि इससे प्रदेश के लगभग 10 करोड़ लोगों को लाभ होगा.
हाईकोर्ट ने बताया था अवैध
इस योजना के लागू होने के तुरंत बाद इसके खिलाफ 2021 में कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हो गई थी. कलकत्ता हाईकोर्ट ने सितंबर 2022 को पश्चिम बंगाल सरकार की दुआरे राशन योजना (Duare Ration Scheme) को अवैध घोषित कर दिया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के खिलाफ और कानूनी तौर पर अवैध है. हालांकि, सिंगल बेंच को इस योजना में कुछ भी गैरकानूनी नहीं लगा था और इसे जारी रखने की अनुमति भी हाईकोर्ट ने सरकार को दे दी थी.