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तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों से मारपीट? CM स्टालिन ने नीतीश कुमार से की बात

तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों से कथित मारपीट के कई वीडियो सोशल मीडिया पल तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियोज के वायरल होने के बाद राज्य के सीएम एमके स्टालिन ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार से बातचीत की. स्टालिन ने नीतीश को आश्वस्त किया है कि उनकी सरकार के रहते तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों से मारपीट नहीं होगी.

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एमके स्टालिन/नीतीश कुमार (File Photo)
एमके स्टालिन/नीतीश कुमार (File Photo)

तमिलानडु में बिहार के मजदूरों से मारपीट का कथित वीडियो वायरल होने के बाद अब राज्य के मुख्यमंत्री ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन ने नीतीश कुमार को आश्वस्त किया है कि उनकी सरकार में सभी प्रवासी मजदूर सुरक्षित हैं.

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स्टालिन ने फोन पर नीतीश कुमार से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि बिहार के मजदूरों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. सभी वर्कर हमारे अपने वर्कर हैं, जो तमिलनाडु के विकास में मदद करते हैं. स्टालिन ने आगे कहा कि उन्होंने सीएम नीतीश को भरोसा दिलाया कि बिहार के मजदूर प्रभावित नहीं होंगे.

स्टालिन ने यह बातें चेन्नई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि भाजपा विरोधी दलों के बीच कोई भी मतभेद पैदा नहीं कर सकता. उन्होंने अफवाह फैलाकर कानून और व्यवस्था को बाधित करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात को दोहराया. 

बता दें कि  बिहार सरकार ने इस मुद्दे की जांच के लिाए एक आधिकारिक टीम भी भेजी है. बिहार से अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम चेन्नई पहुंची और श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया. बिहार सरकार के अधिकारी कोयम्बटूर और तिरुपुर जाकर कपड़ा केंद्रों जैसे स्थानों पर भी लोगों से मुलाकात कर सकते हैं.

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बता दें कि यह मुद्दा सत्ता में बैठी डीएमके और भाजपा के बीच सियासत का मुद्दा बन गया है. इस मुद्दे को लेकर बिहार में BJP नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले सरकार को निशाना बना रही है.

दरअसल 2 मार्च को तमिलनाडु में हुई एक कथित घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. इस घटना की खबर अखबारों में भी छप गई. अखबारों की खबरों का हवाला देते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को तमिलनाडु की घटना पर चिंता जताते हुए ट्वीट कर दिया. 

साथ ही मुख्य सचिव और डीजीपी को तमिलनाडु के आला अधिकारियों से बात करने और वहां काम करने वाले बिहार के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दे दिया. हालांकि, कुछ घंटे बाद तमिलनाडु पुलिस ने दावा किया कि बिहार के मजदूरों को मारे जाने के संबंध में सोशल मीडिया पर जो वीडियो चल रहे थे, वे फर्जी हैं. इसी कारण से सवाल खड़े हो रहे हैं कि कैसे बिहार के सीएम सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी खबरों के शिकार हो गए?

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