तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों पर कथित हमला मामले में तमिलनाडु पुलिस ने बीजेपी नेता प्रशांत उमराव के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इसको लेकर प्रशांत उमराव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने याचिका में अलग-अलग राज्यों में दर्ज सभी एफआईआर क्लब करने की मांग की है.
बीजेपी नेता प्रशांत उमराव की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है. अब इस मामले में छह अप्रैल को सुनवाई होगी. प्रशांत उमराव ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया था कि बिहार के 12 प्रवासियों को हिंदी में बोलने के लिए तमिलनाडु में लटका दया गया था.
फेक न्यूज फैलाने के आरोप में केस दर्ज
इसके बाद तमिलनाडु पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ फेक न्यूज फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था. तमिलनाडु पुलिस पहले ही कह चुकी है कि इस संबंध में सोशल मीडिया पर जो वीडियो शेयर किए गए वो फर्जी और भ्रामक थे. बता दें कि तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों की पिटाई के मामले में ही यूट्यूबर मनीष कश्यप को गिरफ्तार किया गया है और फिलहाल वो तमिलनाडु पुलिस की कस्टडी में ही है.
मनीष कश्यप ने 18 मार्च को किया था सरेंडर
तमिलनाडु पुलिस मनीष कश्यप को बिहार पुलिस की कस्टडी से 28 मार्च को लेकर आई थी. उसके खिलाफ तमिलनाडु साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने एफआईआर दर्ज की है, इसी सिलसिले में उससे पूछताछ की जाएगी. इससे पहले बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध ईकाई ने मनीष से पूछताछ की थी. बता दें कि घर की कुर्की होने के डर से मनीष कश्यप ने 18 मार्च को जगदीशपुर ओपी में सरेंडर कर दिया था.