पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद तापस रॉय बुधवार को बीजेपी में शामिल हो गए. उन्होंने पार्टी नेतृत्व से नाराजगी का हवाला देते हुए सोमवार को टीएमसी और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था.
तापस रॉय को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी में शामिल किया. पूर्व टीएमसी नेता ने कहा, "मैं आज बीजेपी में शामिल हो गया हूं, क्योंकि मैं टीएमसी के कुशासन और अत्याचारों के खिलाफ लड़ना चाहता हू."
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'तापस रॉय ने स्वार्थ के लिए छोड़ दी पार्टी'
तृणमूल कांग्रेस ने तापस रॉय के पार्टी छोड़ने को लेकर कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत लाभ की तलाश में अपने सिद्धांतों और विचारधाराओं को त्याग दिया है. टीएमसी नेता शांतनु सेन ने कहा, “बंगाल के लोग तापस रॉय जैसे गद्दारों को कभी माफ नहीं करेंगे, जिन्होंने निहित स्वार्थ के लिए पार्टी छोड़ दी.”
'ईडी की छापेमारी पर सीएम ने साध ली चुप्पी'
पांच बार विधायक रह चुके तापस रॉय ने टीएमसी और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर ''खराब परिस्थितियों में उनका साथ छोड़ने'' का आरोप लगाया था. नगरपालिका भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर 12 जनवरी को उनके आवास पर ईडी द्वारा छापेमारी किए जाने पर पार्टी की चुप्पी पर भी निराशा जताई.
ED की छापेमारी के बाद टीएमसी से दिया था इस्तीफा
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तापस रॉय ने सोमवार को पार्टी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. प्रवर्तन निदेशालय द्वारा नगर निकाय भर्तियों में कथित अनियमितताओं के संबंध में तापस रॉय सहित तीन पार्टी नेताओं के घरों पर छापेमारी के एक दिन बाद तापस रॉय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
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ममता बनर्जी के बड़े सहयोगी रहे तापस रॉय
तापस रॉय ममता बनर्जी के शुरुआती दिनों से ही उनके सहयोगी रहे हैं और जब उन्होंने 1990 के दशक में कांग्रेस छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था. तापस रॉय को कुछ समय पहले ममता बनर्जी ने मंत्री पद भी दिया था, लेकिन कुछ दिन पहले उन्हें उनके पद से हटा दिया गया. हाल ही में, तृणमूल कांग्रेस ने तापस रॉय को पार्टी के उत्तरी कोलकाता जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया था.