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चीन से तनातनी के बीच भारत के साथ आया अमेरिका...Tawang Clash पर 48 घंटे के 10 बड़े अपडेट्स

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में 9 दिसंबर को भारत और चीनी सैनिक आमने सामने आ गए थे. एलएसी पर अतिक्रमण करने की कोशिश में आए चीनी सैनिकों को भारतीय जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया. हालांकि, चीनी सैनिक ने इस झड़प का ठीकरा भारतीय सेना के ऊपर फोड़ा है. उधर, अमेरिका ने इस मुद्दे पर भारत का साथ दिया है.

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पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन (फाइल फोटो)
पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन (फाइल फोटो)

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय सेना ने चीन की हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया. 9 दिसंबर को तवांग के यांग्त्से में करीब 300 चीनी सैनिकों ने एलएसी पर भारतीय पोस्ट हटाने की कोशिश की थी. इस दौरान दोनों पक्षों में हाथापाई भी हुई थी. लेकिन भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया था. इस दौरान भारत के 6 जवान घायल हुए थे. अब इस मामले में भारत को अमेरिका का भी समर्थन मिला है. अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि हम भारत के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं. उधर, चीन ने इस पूरी झड़प का ठीकरा भारत पर ही फोड़ दिया है, आईए जानते हैं तवांग झड़प के अब तक के 10 बड़े अपडेट्स...

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1- 9 दिसंबर को क्या क्या हुआ?

9 दिसंबर को अरुणाचल के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. सोची समझी साजिश के तहत 300 चीनी सैनिक यांगत्से इलाके में भारतीय पोस्ट को हटाने पहुंचे थे. चीनी सैनिकों के पास कंटीली लाठी और डंडे भी थे. लेकिन भारतीय सैनिकों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और भिड़ गए. भारतीय जवानों को भारी पड़ता देख चीनी सैनिक पीछे हट गए. इस झड़प में 6 भारतीय जवान घायल हुए हैं, चीन की तरफ से कोई आंकड़ा जारी नहीं हुआ है लेकिन बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में पीएलए जवान जख्मी हुए हैं. 

2- कुछ महीनों से आक्रामक रुख अपना रहा चीन 

एलएसी पर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. चीन अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर पिछले कुछ महीनों से आक्रामक रुख अपना रहा है. तवांग में हुई भारत और चीनी सैनिकों के बीच हाथापाई भी इसी आक्रामक रुख नतीजा है. इस झड़प से कुछ दिन पहले चीनी ड्रोन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय सीमा के काफी नजदीक आ गए थे. इसके बाद भारत को इन ड्रोन को खदेड़ने के लिए लड़ाकू विमानों को तैनात करना पड़ा था. 

 

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फाइल फोटो

3- भारत को पहले से थी चीन की साजिश की भनक

9 दिसंबर को वास्तविक नियंत्रण रेखा पार कर कब्जा करने आए चीनी सैनिकों को न सिर्फ भारतीय जवानों ने पीछे धकेल दिया, बल्कि उन्हें सबक भी सिखाया. सूत्रों के मुताबिक, भारत को पहले से ही चीन द्वारा इस तरह की कार्रवाई की पहले से आशंका थी. ऐसे में भारतीय सेना ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी. इसका नतीजा ये हुआ कि भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को दौड़ा दौड़ा कर खदेड़ा. यहां तक कि कुछ भारतीय जवान चीनी पोस्ट तक पहुंच गए थे. 

4- हमारा कोई भी सैनिक गंभीर जख्मी नहीं- राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में इस मुद्दे पर बयान दिया. उन्होंने बताया कि भारतीय सैनिकों ने बहादुरी से चीनी सैनिकों पीछे खदेड़ दिया. उन्होंने बताया कि 09 दिसंबर 2022 को PLA सैनिकों ने अरुणाचल के तवांग सेक्टर के यांग्त्से में एलएसी पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास किया. चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया. इस दौरान दोनों पक्ष आमने सामने आ गए. हाथापाई भी हुई. इस झड़प में दोनों ओर के कुछ सैनिकों को चोटें आईं. लेकिन मैं सदन को बताना चाहता हूं कि झड़प में हमारे किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ.
 
5- चीनी विदेश मंत्रालय का आया बयान

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चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से तवांग में हुई झड़प को लेकर मंगलवार को आधिकारिक बयान जारी किया गया. चीन की ओर से बयान में सिर्फ बताया गया कि क्षेत्र में हालात 'स्थिर' हैं. बयान में चीन की ओर से अपने सैनिकों के घायल होने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि चीन और भारत बॉर्डर पर मौजूदा हालात स्थिर हैं. दोनों ही पक्ष सीमा से जुड़े मुद्दों पर कूटनीतिक और मिलिट्री चैनलों के जरिए वार्ता करते आ रहे हैं.

6- चीनी सेना ने भारत पर फोड़ा ठीकरा

चीनी सेना ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने अवैध तरीके से बॉर्डर क्रॉस किया और चीनी सैनिकों के रास्ते में आए, जिससे दोनों ओर से विवाद बढ़ गया. चीनी सेना ने कहा कि हमने पेशेवर तरीके से मानकों के तहत मजबूत जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद सीमा पर हालात स्थिर हुए. चीनी सेना के वरिष्ठ अधिकारी और पीएलए के वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता लॉन्ग शाओहुआ ने कहा कि भारत सीमा पर तैनात अपने सैनिकों को सख्ती के साथ नियंत्रित करे और चीन के साथ मिलकर बॉर्डर इलाकों में शांति बहाल करे. उन्होंने कहा कि 9 दिसंबर को भारतीय सैनिकों ने सीमा को अवैध तरीके से पार करने के बाद रूटीन पेट्रोलिंग कर रहे चीनी सैनिकों के काम में बाधा डाली, जिसके बाद यह झड़प शुरू हो गई.

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7- अमेरिका ने कहा- हम भारत का समर्थन करते हैं

अरुणाचल में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत को अमेरिका का साथ मिला है. अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के प्रेस सचिव पैट राइडर ने कहा कि हम अपने साझेदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग हैं. हम स्थिति को नियंत्रित करने के भारत के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं. इससे पहले अमेरिका ने बयान जारी कर कहा कि इस बात पर खुशी है कि दोनों ही देशों की सेनाओं ने डिसइनगेजमेंट किया और स्थिति को नियंत्रण में रखा. हम स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. हम दोनों भारत और चीन को बातचीत करने के लिए प्रेरित करते हैं, सीमाओं को लेकर जो भी विवाद है, बातचीत के जरिए समाधान किया जाए. 

8- भारतीय एयरफोर्स की हर गतिविधि पर नजर

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, भारतीय एयरफोर्स चीन की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हमेशा किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार है, क्योंकि ड्रोन या किसी भी विमान को हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती. रक्षा सूत्रों के मुताबिक, अगर ड्रोन एलएसी के समांतर उड़ते हैं, तो भारतीय सेना को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर राडार में ये ड्रोन भारत की सीमा की ओर उड़ते हुए दिखे, तो किसी भी उल्लंघन को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. नॉर्थ ईस्ट में भारतीय एयरफोर्स की मजबूत उपस्थिति है. असम में तेजपुर और छबुआ समेत कई स्थानों पर Su-30 लड़ाकू जेट विमानों के स्क्वाड्रन मौजूद हैं. इसके अलावा पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में राफेल जेट की स्क्वाड्रन है. इतना ही नहीं भारतीय सेना ने असम सेक्टर में डिफेंस को मजबूती देने के लिए रूसी S-400 एंटी मिसाइल सिस्टम की भी तैनाती कर रखी है. 

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9- संसद में हुआ जमकर हंगामा

संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है. मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में भारत चीन तनाव का मुद्दा छाया रहा. जहां विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार से चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया. तो वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों सदनों में बयान जारी किया. उन्होंने बताया कि भारत और चीन के बीच हुई झड़प में किसी जवान की जान नहीं गई, न ही कोई जवान गंभीर रूप से घायल हुआ है. हालांकि, विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा. 

10- खड़गे ने बुलाई विपक्ष की बैठक

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्ष की बैठक बुलाई है. इस बैठक में सरकार को भारत चीन मुद्दे पर घेरने की रणनीति पर चर्चा होगी. कई पार्टी के नेता इस बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं और आगे की रणनीति पर मंथन किया जाएगा. समान विचारधारा रखने वाले सभी दलों को मल्लिकार्जुन खड़गे की तरफ से न्योता भेजा गया है. बैठक में प्रमुख मुद्दा भारत-चीन तनाव ही रहने वाला है. वैसे भी विपक्ष द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि सदन में उन्हें इस मुद्दे पर अपनी बात रखने का पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा है. सरकार से भी जिस प्रकार के जवाब की उम्मीद लगाई जा रही है, वो नहीं मिला है. इसी वजह से सरकार को किस प्रकार से घेरा जाए, इसलिए इस बैठक को बुलाया गया है.

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