लोकसभा चुनाव की गहमा-गहमी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी सरगर्मियां जारी हैं. एनडीए ने जहां उत्तर में अपने पत्ते सजा लिए हैं, वहीं इस बार का मिशन दक्षिण विजय भी है. सीटों के बंटवारे को लेकर जारी चर्चाओं के बीच खबर आई है कि, TDP से आज सुबह 10:30 बजे अमित शाह के साथ एक और दौर की बातचीत हो सकती है. लोकसभा में टीडीपी बीजेपी को 5 सीटें देना चाहती है. पवन कल्याण को पहले ही तीन सीटें दी जा चुकी हैं.
इस तरह डील आ रही है सामने
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा में पवन कल्याण को 24 सीटें दी गई हैं और टीडीपी बीजेपी को 7 सीटें देना चाहती है. फिलहाल विधानसभा सीटों को लेकर बातचीत चल रही है. गठबंधन जारी है और जल्द ही औपचारिक घोषणा की उम्मीद की जा सकती है. केंद्र-राज्य के मुद्दों जैसे आंध्र में विभाजन, कानून और व्यवस्था, वाईएसआरसीपी भ्रष्टाचार (जिसे टीडीपी पहले से ही केंद्र के साथ उठा रही है) पर कुछ आम सहमति की जरूरत है, लेकिन ये डील-ब्रेकर नहीं होंगे.
आंध्र प्रदेश में है टीडीपी और जनसेना का गठबंधन
बता दें कि आंध्र प्रदेश में पहले से ही चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) और पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जनसेना पार्टी का गठबंधन है. अब इस गठबंधन में बीजेपी की एंट्री को लेकर भी चर्चा जोरों पर है. कहा जा रहा है कि बीजेपी और टीडीपी के बीच गठबंधन का फॉर्मूला भी करीब-करीब तय हो गया है. चंद्रबाबू नायडू की बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कभी भी गठबंधन का औपचारिक ऐलान हो सकता है.
बीजेपी का साउथ की सीटों पर फोकस
दक्षिण भारत के 5 राज्यों (केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) में लोकसभा की 129 सीटें आती हैं, इसमें अकेले आंध्र प्रदेश में 25 सीटें आती हैं. बीते दिनों आए सर्वे के आंकड़ों में सामने आया था कि चंद्रबाबू नायडू बड़ा उलटफेर करते दिख रहे हैं. TDP को जहां 17 सीटों पर जीत मिलने का अनुमान था. वहीं, जगन मोहन रेड्डी की YSRCP को 8 सीटें मिलती नजर आ रहीं थी, जबकि बीजेपी को यहां बड़ा नुकसान होने का अनुमान है. ऐसे में चंद्रबाबू नायडू और एनडीए का गठबंधन सही फॉर्मूले के साथ होता है तो बीजेपी के लिए ये फायदेमंद साबित होगा.