तेलंगाना में पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से ही भारत राष्ट्र समिति (BRS) पार्टी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और नेता लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं. विधानसभा चुनाव के बाद से अभी तक 6 विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं.
गुरुवार को 6 एमएलसी भी बीआरएस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए और इन्हें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पार्टी की सदस्यता दिलाई. जो 6 एमलएसी कांग्रेस में शामिल हुए उनमें दांडे विट्ठल, भानु प्रसाद राव, एम एस प्रभाकर, बोग्गरापु दयानंद, येग्गे मल्लेशम और बसवाराजू सरैया शामिल हैं.
जब बीआरएस विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) सीएम रेवंत रेड्डी के आवास पर कांग्रेस में शामिल हुए तो इस दौरान तेलंगाना कांग्रेस की राज्य प्रभारी दीपा दासमुंशी और अन्य नेता भी मौजूद रहे.. पिछले साल विधानसभा चुनावों के बाद छह बीआरएस विधायक कांग्रेस में शामिल हुए थे और अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले दिनों में और भी विधायक सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हो सकते हैं.
सांसद ने भी छोड़ी दी पार्टी
दो दिन पहले भी बीआरएस को बड़ा झटका लगा था जब पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद के. केशव राव कांग्रेस में शामिल हो गए. नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में के केशव राव ने कांग्रेस का दामन थामा था. वह पहले कांग्रेस में ही थे लेकिन बाद में केसीआर के साथ जाकर बीआरएस का दामन थाम लिया था.
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6 विधायक और मेयर भी छोड़ चुके हैं पार्टी
तेलंगाना में मिली हार के बाद पार्टी के विधायक भी लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं. विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अभी तक पार्टी के 6 विधायक भी कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं, जिनमें विधायक काले यादैया, विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पोचाराम श्रीनिवास रेड्डी, जगतियाल निर्वाचन क्षेत्र से बीआरएस विधायक एम. संजय कुमार, विधायक कादियम श्रीहरि, विधायक दानम नागेंद्र और विधायक तेलम वेंकट राव कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. इन विधायकों के अलावा हैदराबाद की मेयर विजया लक्ष्मी आर गडवाल समेत कई अन्य बीआरएस नेता भी कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं.
पिछले साल मिली थी बीआरएस को जबरदस्त हार
बीआरएस ने पिछले साल हुए चुनावों में कुल 119 विधानसभा क्षेत्रों में से 39 पर जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस 64 सीटें जीतकर सत्ता में आई थी. हालांकि, सिकंदराबाद कैंटोनमेंट से बीआरएस विधायक जी लास्या नंदिता की इस साल की शुरुआत में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. कांग्रेस ने हाल ही में सिकंदराबाद कैंटोनमेंट विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में जीत हासिल की. इससे कांग्रेस के विधायकों की संख्या बढ़कर 65 हो गई.
कांग्रेस ने विधान परिषद में भी बढ़ाई सदस्यों की संख्या
तेलंगाना विधानपरिषद की वेबसाइट के अनुसार, वर्तमान में बीआरएस के पास 25 सदस्य हैं और कांग्रेस के चार सदस्य हैं. 40 सदस्यीय विधानपरिषद में चार मनोनीत सदस्य भी हैं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के दो, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पीआरटीयू के एक-एक और एक निर्दलीय सदस्य भी हैं, जबकि दो सीट रिक्त हैं. रेवंत रेड्डी के गुरुवार रात राष्ट्रीय राजधानी की दो दिवसीय यात्रा से लौटने के तुरंत बाद ये सदस्य कांग्रेस में शामिल हुए, बीआरएस के छह नेताओं के कांग्रेस में शामिल हो जाने से तेलंगाना विधान परिषद में कांग्रेस सदस्यों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है.
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