कर्नाटक में बीजेपी नेता और विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने रविवार को बड़ा दावा किया है और विवादित बयान भी दिया है. उन्होंने कहा, राज्य में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पांच साल तक नहीं चलेगी. पार्टी के अंदरखाने बहुत असंतोष है. जल्द ही ये सामने आएगा. उन्होंने आगे कहा, सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार जल्द ही झगड़े पर उतर आएंगे और एक-दूसरे को चप्पल से मारेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि डीके शिवकुमार 23 जून को बीजेपी नेता और पूर्व सीएम बोम्मई के घर गए थे. ये कांग्रेस नेतृत्व को ब्लैकमेल करने का एक तरीका था. वे सोनिया गांधी को संदेश देना चाहते हैं और दिखाना चाहते हैं कि उनकी बोम्मई से नजदीकियां बढ़ रही हैं. बीजेपी विधायक ने दावा किया कि वह (डीके शिवकुमार) यह कहकर हाईकमान को ब्लैकमेल करना चाहते हैं कि अगर उन्हें सीएम नहीं बनाया गया तो वह बोम्मई का साथ देंगे.
23 जून को बोम्मई के घर गए थे डीके शिवकुमार
बता दें कि कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार 23 जून को पूर्व सीएम बोम्मई के घर गए थे. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को माला पहनाई थी और हाथ मिलाया था. बुके भेंट किया था. दोनों के बीच बातचीत भी हुई थी.
'डीके को घर नहीं आने दें बोम्मई'
शिवकुमार की इस मुलाकात पर बसनगौड़ा पाटिल ने प्रतिक्रिया दी और कहा, मैंने बोम्मई से कहा है कि उन्हें अंदर ना आने दें. डीके आपसे मिलेंगे और अपने हाईकमान को सीएम बनने के लिए संदेश देना चाहेंगे. हम उनके इस प्लान में क्यों मदद करें?
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यह ऐसी सरकार 5 साल तक नहीं चलेगी. एक-दूसरे को चप्पल से मारेंगे. डीके शिवकुमार, बोम्मई हाउस (पूर्व सीएम) जाएंगे. आप जानते हैं क्यों? शिष्टाचार भेंट के लिए नहीं. सोनिया गांधी को दिखाना चाहते हैं कि वो बोम्मई के घर जा रहे हैं. वह यह कहकर उन्हें (कांग्रेस हाईकमान) ब्लैकमेल करना चाहते हैं कि अगर उन्हें (डीके) सीएम नहीं बनाया गया तो वह बोम्मई का समर्थन लेंगे. मैंने बोम्मई से कहा है कि उन्हें अंदर ना आने दें. डीके आपसे मिलेंगे और उसका इस्तेमाल सीएम बनने के लिए करेंगे. हमें इसकी अनुमति क्यों देनी चाहिए?
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सिद्धारमैया को बनाया गया है सीएम
बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था. चार दिन तक राज्य में नए सीएम को लेकर गतिरोध बना रहा. दिल्ली में हाईकमान ने लंबे मंथन के बाद सिद्धारमैया को कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री चुना था. सीएम की दौड़ में डीके शिवकुमार भी आगे थे. हालांकि, हाईकमान के फॉर्मूले पर डीके ने सहमति जताई थी और उन्हें डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी गई है. 20 मई को बेंगलुरु में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था.
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 224 में से 135 सीटें जीती थीं और सरकार बनाई. बीजेपी 66 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही.
(रिपोर्ट- अनघा)