नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने केरल सरकार द्वारा तिरुअनंतपुरम हवाई अड्डे को पीपीपी मॉडल के तहत लीज पर दिए जाने के विरोध को आधारहीन बताया है. उन्होंने कहा कि केरल सरकार खुद पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत दो हवाई अड्डों को सफलतापूर्वक चला रही है और तिरुअनंतपुरम हवाई अड्डे को एक निजी ऑपरेटर को देने का विरोध कर रही है.
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था, जिसमें केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा तिरुअनंतपुरम हवाई अड्डे को अदानी एंटरप्राइजेज को पट्टे पर 50 साल के लिए दिए जाने के फैसले का विरोध किया गया था. हरदीप पुरी ने यह बयान इसी विरोध के बाद दिया है.
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हरदीप सिंह पुरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर केरल सरकार निजीकरण के विरोध में है तो तिरुअनंतपुरम एयरपोर्ट की नीलामी में क्यों भाग लिया. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि भारत में कोच्चि पहला एयरपोर्ट है जो पीपीपी मॉडल पर दिया गया है और वहां सफलतापूर्वक काम हो रहा है. वित्तीय वर्ष 2019-20 में कोच्चि एयरपोर्ट पर 9.62 मिलियन यात्रियों की आवाजाही हुई.
उन्होंने कहा, 'यूडीएफ (कांग्रेस गठबंधन) सरकार के दौरान कोच्चि एयरपोर्ट की 1994 में नींव पड़ी थी और 1999 में एलडीएफ (लेफ्ट गठबंधन) सरकार के दौरान उद्घाटन हुआ. केरल सरकार अभी दो एयरपोर्ट को सफलतापूर्वक पीपीपी मोड पर चला रही है और ऐसे में तिरुअनंतपुरम एयरपोर्ट को पीपीपी मोड पर दिए जाने का विरोध आधारहीन है. जानकारी मिली है कि केरल में ऑल पार्टी मीटिंग में इसका विरोध किया गया है.'
6 एयरपोर्ट पर 10 फीसदी एयर ट्रैफिक
नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर देश के एक तिहाई एयर ट्रैफिक का भार है. इन दोनों एयरपोर्ट को पीपीपी मॉडल पर कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के शासन काल में 2006-2007 में दिया गया था. उन्होंने कहा कि अभी जो 6 एयरपोर्ट को लीज पर दिया गया है, वे देश के मात्र 10 फीसदी एयर ट्रैफिक को हैंडल करते हैं.
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बता दें कि अडानी इंटरप्राइजेज ने एयरपोर्ट को पीपीपी मॉडल पर लीज पर दिए जाने की नीलामी में बाजी मारी थी. अब उसके पास लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी एयरपोर्ट की देखभाल की जिम्मेदारी है. एयरपोर्ट को पीपीपी मोड पर दिए जाने की बीडिंग फरवरी 2019 में हुई थी. जिसके बाद जुलाई 2019 में कैबिनेट ने अहमदाबाद, मंगलुरु और लखनऊ की लीज अडानी इंटरप्राइजेज को दी थी. इसके अलावा बुधवार को कैबिनेट ने तीन और एयरपोर्ट को लीज पर दिए जाने का फैसला किया.