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'दो साल में 1148 फर्जी बम धमकियां, हर रोज औसतन 1 कॉल', सरकार ने संसद में दी जानकारी

आंकड़ों से पता चलता है कि विशेषकर 2024 में फर्जी धमकियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. केवल पहले 11 महीनों में 999 धमकियां मिली हैं. धमकियों में इस वृद्धि के कारण उड़ान संचालन में बाधाएं पैदा हो रही हैं. हालांकि सभी हालिया धमकियों को सिर्फ अफवाह पाया गया.

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बम की फर्जी धमकियों से भारतीय एविएशन पर पड़ रहा असर (सांकेतिक तस्वीर)
बम की फर्जी धमकियों से भारतीय एविएशन पर पड़ रहा असर (सांकेतिक तस्वीर)

भारत सरकार ने गुरुवार 28 नवंबर को अगस्त 2022 से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा दोनों को मिलीं बम की फर्जी धमकियों के बारे में लोकसभा में विवरण साझा किया. नागरिक उड्डयन मंत्री की ओर से पेश किए आंकड़ों के अनुसार, 14 नवंबर, 2024 तक कुल 1148 बम की फर्जी धमकियां कॉल और मैसेज से प्राप्त हुए हैं.

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आंकड़ों से पता चलता है कि विशेषकर 2024 में फर्जी धमकियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. केवल पहले 11 महीनों में 999 धमकियां मिली हैं. धमकियों में इस वृद्धि के कारण उड़ान संचालन में बाधाएं पैदा हो रही हैं. हालांकि सभी हालिया धमकियों को सिर्फ अफवाह पाया गया.

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बेहद सख्ती से किया जा रहा सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन

इन धमकियों से निपटने के लिए नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस), जो भारत में विमानन सुरक्षा नियामक के रूप में कार्य करता है, ने कई उपाय किए हैं. जैसे, बीटीएसी (Bomb Threat Assessment Committees) की वर्चुअल बैठकों का आयोजन. इससे खतरों का आकलन करने के लिए समिति को बुलाने में लगने वाला समय पांच मिनट से भी कम हो गया है. इसके अलावा सुरक्षा प्रोटोकॉल का बेहद सख्ती से पालन किया जा रहा है.

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256 एफआईआर और 12 गिरफ्तारियां

जनवरी 2024 से, फर्जी बम धमकियों के संबंध में 256 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमें 14 अक्टूबर और 14 नवंबर, 2024 के बीच 163 एफआईआर की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है. फर्जी बम धमकी देने के लिए कुल 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है.

कानून में बदलाव कर सकती है सरकार

सरकार विमान (सुरक्षा) नियम, 2023 में बदलाव पर भी विचार कर रही है. इन संशोधनों में फर्जी धमकियां भेजने वाले व्यक्तियों को नो फ्लाई लिस्ट में शामिल करना शामिल हो सकता है. इसके अलावा, नागरिक उड्डयन की सुरक्षा के खिलाफ गैरकानूनी कृत्यों के दमन अधिनियम में भी संशोधन किया जा सकता है ताकि न केवल उड़ाते हुए विमानों बल्कि जमीन पर या हवाई अड्डों पर भी खतरों को कवर किया जा सके.

विमानों का परिचालन हुआ है प्रभावित

बड़ी संख्या में फर्जी धमकियों के बावजूद, भारत में किसी भी हवाई अड्डे या विमान पर कोई वास्तविक बम का खतरा नहीं पाया गया. बीसीएएस के पास ऐसे खतरों का जवाब देने के लिए बीटीसीपी (Bomb Threat Contingency Plan) है. हालांकि इन फर्जी धमकियों के कारण कुछ परिचालन संबंधी व्यवधान पैदा हुए हैं, विशेष रूप से एयरलाइंस, हवाई अड्डे और अन्य हितधारक प्रभावित हुए हैं, लेकिन किसी भी उड़ान या यात्रियों को कोई खतरा नहीं हुआ है.

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