आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में बुधवार को बैकुंठ द्वार दर्शन टिकट केंद्र के पास भगदड़ मचने से 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई. यह घटना तब हुई जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु टोकन लेने के लिए उमड़ पड़े और इससे भगदड़ मच गई. इस दौरान 40 अन्य लोग घायल भी हो गए.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर दुख जताया और तिरुपति में घटनास्थल का दौरा भी किया. सीएम नायडू ने अस्पताल जाकर भगदड़ पीड़ितों से मुलाकात की. पीड़ितों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि बहुत दुखद घटना घटी है. ऐसी जगह पर जो नहीं होना चाहिए था.
सीएम ने टीटीडी प्रबंधन पर जताई नाराजगी
सीएम ने कहा, मैं घटनास्थल पर गया, बारीकी से देखा. सभी घायलों और मृतकों के परिजनों से बात की और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की. मैं इस पवित्र स्थान को फिर से पवित्र बनाने का काम सुनिश्चित करूंगा. मैं ईओ, चेयरमैन और अन्य अधिकारियों को सख्त निर्देश दे रहा हूं.
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सूत्रों के मुताबिक,सीएम नायडू ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) प्रबंधन द्वारा स्थिति को संभालने के तरीके पर नाराजगी जाहिर की है. अधिकारियों के साथ 40 मिनट से अधिक समय तक चली आंतरिक समीक्षा बैठक में सीएम ने टीटीडी बोर्ड के अधिकारियों के साथ-साथ जिला अधिकारियों से भी कड़े सवाल पूछे और जवाब मांगे.
ऐसे हुआ हादसा
यह हादसा तब हुआ जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में ‘वैकुंठ द्वार दर्शन’ के टिकट के लिए पहुंची थी. भगदड़ में जिन श्रद्धालुओं की मौत हुई है, वे सभी वैकुंठ दर्शन के लिए टोकन लेने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, टोकन 9 जनवरी की सुबह से बंटने थे, लेकिन 8 जनवरी की रात से ही टोकन केंद्रों पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी. बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर करीब 4 हजार से ज्यादा लोग जमा हो गए थे और इस दौरान ही भगदड़ मच गई.