तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने आज गुरुवार को साफ-साफ कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ एक नया फ्रंट बनाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के अभी 3 साल बाकी है लेकिन हमें बहुत जल्द शुरुआत करनी होगी.
टीएमसी के शहीद दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेताओं से अपील की है कि किसी एक दिन मीटिंग बुलाई जाए और आगे का खाका तैयार किया जाए. इसी महीने ममता 3 दिन के लिए 27 जुलाई को दिल्ली जा रही हैं. वह वहां 29 जुलाई तक रहेंगी.
ममता ने विपक्षी पार्टियों के नेताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में अभी 3 साल बाकी हैं लेकिन हमें बहुत जल्द शुरुआत करनी होगी. अगर कोरोना के हालात सुधारते हैं तो इस जाड़े में कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में विपक्षी नेताओं के साथ रैली करेंगे.
'सत्ता में आए तो मुफ्त में राशन'
ममता बनर्जी ने तो यहां तक ऐलान कर दिया कि अगर उनका फोरम सत्ता में आता है तो पूरे देश को मुफ्त में राशन दिया जाएगा.
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चर्चित पेगासस मुद्दे पर ममता बनर्जी ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि वह अपना फोन भी प्लास्टिक से ढंक कर रख रही हैं. यहां तक कि फोन का कैमरा भी प्लास्टर किया हुआ है. केंद्र सरकार को भी प्लास्टर लगा देना चाहिए. ममता ने बीजेपी को हाई लोडेड वायरस बताया.
उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी का फोन टैप हुआ तो उनका भी हुआ क्योंकि वो अभिषेक और पीके से बात करती हैं.
इसी मुद्दे पर ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप करने की मांग की है और स्वतः स्फूर्त मामला शुरू करने का आग्रह किया है. ममता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज भी जासूसी से नहीं बचे हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को स्वतः स्फूर्त मामला शुरू करना चाहिए या फिर उनकी ओर से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन करना चाहिए.
ममता के बाद अभिषेक बनर्जी का भाषण
ममता बनर्जी ने खेला होबे नारे को दिल्ली पहुंचाने की बात भी कही और ऐलान किया कि 16 अगस्त को खेला दिवस के तौर पर मनाया जाएगा. ममता ने कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता से बाहर नहीं कर देते तब तक खेला होता रहेगा.
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा ईंधन पर करों के जरिए एकत्रित किया गया पैसा जासूसी पर खर्च किया जा रहा है. बीजेपी भारत को लोकतांत्रिक देश के बजाए निगरानी वाले देश में बदलना चाहती है. हालांकि यह काम अमित शाह कर रहे हैं या मोदी भी साथ हैं इस पर ममता अनभिज्ञ हैं.
शहीद दिवस कार्यक्रम में ममता के भाषण के बाद अभिषेक बनर्जी ने भाषण दिया जो परंपरा से बिल्कुल भिन्न है. ममता बनर्जी के भाषण के बाद और किसी का भाषण नहीं होता है. यह पहला मौका है जब इतने बड़े कार्यक्रम में ममता के भाषण के बाद अभिषेक बनर्जी ने भाषण दिया. इससे ममता ने यह भी साफ कर दिया कि राष्ट्रीय राजनीति में भी अभिषेक बनर्जी ही उनके उत्तराधिकारी हैं.