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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में TMC का दबदबा, BJP को शुभेंदु के गढ़ में मिली बढ़त, जानें अब तक के नतीजे

पश्चिम बंगाल में ग्रामीण निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की है. जिला परिषद में विपक्ष का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. टीएमसी राज्य के सभी 22 जिलों की जिला परिषदों पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ रही है. टीएमसी ने 608 जिला परिषद सीटें जीती है, जबकि बीजेपी को सिर्फ 19 सीटें मिली हैं. कांग्रेस और सीपीआईएम 6 और 2 सीटों के साथ अभी तक दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाई हैं.

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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में टीएमसी ने तीनों फॉर्मेट में जीत हासिल की है. दूसरे नंबर पर बीजेपी रही है.
पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में टीएमसी ने तीनों फॉर्मेट में जीत हासिल की है. दूसरे नंबर पर बीजेपी रही है.

पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे लगातार आ रहे हैं. मंगलवार को सुबह 8 बजे से गिनती शुरू हुई और दूसरे दिन यानी बुधवार तक नतीजे आने का सिलसिला बना हुआ है. ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद में सत्तारूढ़ पार्टी का जलवा देखने को मिल रहा है. तीनों चुनाव के नतीजों में टीएमसी समर्थक उम्मीदवारों की जबरदस्त जीत हुई है. दूसरे नंबर पर बीजेपी के उम्मीदवार जीते हैं.

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पश्चिम बंगाल में 8 जुलाई को 74 हजार पंचायतों के लिए वोटिंग हुई थी. इस दौरान जमकर हिंसा हुई और पोलिंग बूथों पर मारपीट, बूथ लूटने और आगजनी करने की घटनाएं सामने आईं. चुनाव आयोग ने 10 जुलाई को हिंसा प्रभावित 19 जिलों के 697 बूथों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला किया. 8 जुलाई को हिंसा से जुड़ी घटनाओं में 19 लोगों की मौत हुई थी. बंगाल में अब तक हिंसा में 39 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य में ग्राम पंचायत की 63229, पंचायत समिति की 9730 और जिला परिषद 928 सीटों के नतीजे आ रहे हैं.

जिला परिषद में टीएमसी का कब्जा

पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में ताजा परिणाम के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस का बोलबाला है. बीजेपी दूसरे नंबर पर है. कुल 928 जिला परिषद की सीटों में से अब तक 608 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस की जीत हुई है. 180 सीटों पर टीएमसी आगे चल रही है. BJP को अब तक 19 जिला परिषद की सीट पर जीत मिली है. 8 पर आगे चल रही है. वहीं,  CPM दो सीटें जीत चुकी है और एक सीट पर आगे चल रही है. कांग्रेस ने अब तक 6 सीट जीती है और 6 पर आगे चल रही है.

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शुभेंदु के गढ़ में बीजेपी का अच्छा प्रदर्शन

BJP ने इस बार शुभेंदु अधिकारी के गढ़ माने जाने वाले नंदीग्राम और पूर्व मिदनापुर में अन्य जगहों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया है. नंदीग्राम में टीएमसी के मुकाबले BJP के कब्जे में ज्यादा ग्राम पंचायतें आई हैं. हालांकि BJP के गढ़ माने जाने वाले उत्तर बंगाल में निराशाजनक प्रदर्शन रहा. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उत्तर बंगाल की सभी आठ सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उत्तर बंगाल में BJP को बड़ी सफलता मिली थी. हालांकि 2018 के बंगाल पंचायत चुनाव की तुलना में BJP ने इस बार अच्छा प्रदर्शन किया है.

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'पूरा रिजल्ट आने में लगेगा वक्त'

पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में मतगणना का दौर अभी भी जारी है. अभी पूरी तरह रिजल्ट आने में वक्त लगेगा. CPM और कांग्रेस का मुर्शिदाबाद और मालदा में थोड़ा बेहतर परिणाम देखने को मिला.

ममता की पार्टी का ग्राम पंचायतों में भी जलवा

ग्राम पंचायतों की बात करें तो ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने 63,229 ग्राम पंचायत में से आधी से ज्यादा सीटें जीत ली हैं. बुधवार सुबह 11.30 बजे तक SEC के अनुसार, टीएमसी ने 34,560 ग्राम पंचायत की सीटों पर जीत हासिल कर ली है. इसके अलावा 705 सीटों पर आगे चल रही है. बीजेपी ने ग्राम पंचायतों की 9,621 सीटें जीत ली हैं और 169 सीटों पर आगे चल रही है. सीपीआईएम ने 2,908 ग्राम पंचायत सीटें जीती हैं. 86 सीटों पर आगे चल रही है. राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है. कांग्रेस को 2,515 ग्राम पंचायतों पर जीत मिली है. 71 पर आगे चल रही है. 

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पंचायत समिति में भी टीएमसी की बढ़त

पंचायत समिति की बात करें तो टीएमसी ने पंचायत समिति में 6,228 सीटें जीती हैं. जबकि 218 सीटों पर आगे चल रही है.  बीजेपी ने 960 पंचायत समिति की सीटें जीतीं हैं. 50 सीटों पर आगे चल रही है. बीजेपी राज्य में दूसरे स्थान पर रही. इसी तरह, सीपीआई (एम) ने 171 पंचायत समिति की सीटें जीती हैं और 13 अन्य सीटों पर आगे चल रही है. कांग्रेस ने 254 सीटें जीती हैं और 9 सीटों पर आगे चल रही है. पंचायत समिति के लिए 9,728 सीटों के लिए चुनाव हुए हैं.

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने भी खोला खाता

पहली बार एआईएमआईएम ने पंचायत चुनाव में हिस्सा लिया और एक ग्राम पंचायत सीट जीत ली है. करीब 5 सीटों पर बढ़त बना ली है. पार्टी ने इस बार 10 जिलों में कुल 300 सीटों पर चुनाव लड़ा था. मुर्शिदाबाद के लालगोला में AIMIM ने एक ग्राम पंचायत जीत ली है. मालदा में एक पंचायत समिति समेत लगभग 5 सीटों पर आगे चल रही है. TMC की ओर से कई बार आरोप लगाया गया है कि ओवैसी की पार्टी BJP की B टीम है और मुस्लिम वोट बैंक को डिवाइड करने की BJP की चाल के तहत काम करती है.

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बंगाल में एआईएमआईएम के इंचार्ज इमरान सोलंकी ने बताया कि पहली बार हमने बंगाल पंचायत चुनाव लड़ा और खाता खोल लिया है. इस बार हैदराबाद से कोई भी बड़ा नेता चुनाव प्रचार करने बंगाल नहीं आया. हमने स्थानीय स्तर पर चुनाव प्रचार कर अच्छी सफलता हासिल की है. इमरान के मुताबिक आज ही असदुद्दीन ओवैसी से बात हुई है. वो काफी खुश हैं. इस सफलता के बाद पार्टी अब आने वाले चुनावों में बंगाल में विस्तार करने का प्लान बना रही है.

टीएमसी की जीत पर ममता ने दिया धन्यवाद

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार रात टीएमसी की जीत पर खुशी जाहिर की और लोगों को भरोसा जताने के लिए धन्यवाद दिया. ममता ने एक बयान में कहा, ग्रामीण बंगाल में हर तरफ टीएमसी है. मैं लोगों को टीएमसी के प्रति उनके प्यार, स्नेह और समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं. इस चुनाव ने साबित कर दिया है कि सिर्फ टीएमसी ही राज्य के लोगों के दिल में रहती है. बताते चलें कि पंचायत चुनाव को सभी दल इस बात के संकेत के रूप में भी देख रहे हैं कि 2024 के चुनाव में देश के इस हिस्से से हवा का रुख किस तरफ होगा.

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दक्षिण 24 परगना में झड़प में तीन की मौत

वहीं, दक्षिण 24 परगना के भंगोर में झड़प होने से तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. बुधवार को पुलिस ने बताया कि मंगलवार देर रात एक मतगणना केंद्र के बाहर झड़प हो गई थी. इसमें भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा (आईएसएफ) के दो कार्यकर्ताओं समेत तीन लोगों की मौत हुई है. 

शनिवार को पंचायत चुनावों में हुई हिंसा में करीब 15 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें से 11 कार्यकर्ता सत्तारूढ़ टीएमसी के थे. पिछले महीने चुनावों की घोषणा होने के बाद से चुनाव संबंधी घटनाओं में मरने वालों की संख्या 33 हो गई है, जिसमें से 60 प्रतिशत मौतें सत्ताधारी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं की हुई हैं. विभिन्न पार्टियों की तरफ से वोटिंग में गड़बड़ी और हिंसा के आरोप लगाए गए थे. जिसके बाद सोमवार को चुनाव आयोग ने 696 सीटों पर पुनर्मतदान का आदेश दिए थे. कलकत्ता हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राज्य में वोटिंग और नतीजे के दिन केंद्रीय पुलिस बलों की तैनाती की गई है.

बंगाल पंचायत चुनाव में हुई हिंसा की जांच करेगी बीजेपी की 4 सदस्यीय समिति

हालांकि बंगाल में हिंसक ग्रामीण चुनावों का एक लंबा इतिहास रहा है. 2003 के पंचायत चुनाव के दौरान मतदान के दिन में 40 लोग मारे गए थे. इस साल फिर हिंसा हुई और ये चर्चा में आ गई. उधर, हिंसा पर रिपोर्ट देने के लिए राज्यपाल सीवी आनंद बोस मंगलवार को दिल्ली पहुंचे. उन्होंने कहा, राजनीतिक दलों को यह महसूस करना चाहिए कि चुनाव किसी के शक्ति प्रदर्शन का आधार नहीं हैं. 

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राज्यपाल को इस्तीफा देना चाहिए: टीएमसी

वहीं, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने ट्वीट किया और कहा, अब लोगों के फैसले के बाद राज्यपाल बोस को इस्तीफा दे देना चाहिए और बंगाल से बाहर निकल जाना चाहिए. उन्होंने बीजेपी के एजेंट के रूप में काम किया है. अनैतिक तरीके से विपक्ष को उकसाया. बंगाल का अपमान किया है. उन्हें राज्यपाल बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.

तमाशा बनकर रह गया चुनाव: कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि चुनाव पहले ही एक तमाशा बनकर रह गया है. सत्तारूढ़ दल, पुलिस और राज्य चुनाव आयोग के बीच सांठगांठ की वजह से हिंसा में 40 से अधिक लोगों की मौत हुई है. मतगणना के बाद भी हिंसा फैलाई जा सकती है.

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बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हुई: येचुरी

सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी ने ट्वीट किया और कहा, टीएमसी सरकार में लोकतंत्र की हत्या हुई है. स्थानीय निकाय चुनावों में 60 से अधिक लोग मरे और 100 से अधिक घायल हुए. कड़ी निंदा करता हूं. बंगाल और भारत में लोकतंत्र को बचाने के लिए लोकप्रिय प्रतिरोध को मजबूत करें.

हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेगी बीजेपी

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बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा- वो पश्चिम बंगाल में हिंसा से प्रभावित सभी इलाकों में अपनी पार्टी की एक टीम का नेतृत्व करेंगे. हम सभी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे, उन लोगों से मिलने का प्रस्ताव रखते हैं जो प्रताड़ित और पीड़ित हैं.

आज शाम तक आएंगे पूरी तरह नतीजे

बता दें कि 22 जिलों में 339 स्थानों पर वोटों की गिनती जारी है. ये मतगणना बुधवार तक चलने की संभावना है. दक्षिण 24 परगना में सबसे ज्यादा 28 मतगणना केंद्र हैं. जबकि सबसे कम चार कलिम्पोंग में हैं. कुछ उत्तरी जिले भी खराब मौसम का सामना कर रहे हैं. दार्जिलिंग की 598 सीटों और कलिम्पोंग की 281 सीटों में से भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) कई क्षेत्रों में आगे चल रही है. सभी मतगणना स्थलों पर सशस्त्र राज्य पुलिस के जवान और केंद्रीय बल तैनात हैं. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए वोटिंग स्थल के बाहर सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगाई गई है. 22 जिलों में कुल 767 स्ट्रांग रूम हैं. त्रिस्तरीय-पंचायत चुनाव में कुल 5.67 करोड़ लोग वोटर्स थे. 73,887 सीटों पर 2.06 लाख उम्मीदवार मैदान में थे.

 

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