टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, शिवसेना (उद्धव गुट) नेता प्रियंका चतुर्वेदी और कांग्रेस नेता शशि थरूर और पवन खेड़ा समेत तमाम विपक्षी नेताओं ने दावा किया है कि उन्हें अपने फोन और ईमेल पर Apple की ओर से अलर्ट आया है. इस अलर्ट में उन्हें चेतावनी दी गई है कि सरकार उनके फोन और ईमेल को हैक करने की कोशिश कर रही है. हालांकि, सरकारी सूत्रों का दावा है कि ये मेल एल्गोरिदम की खराबी के चलते आए हैं. कुछ देर बाद इसे लेकर बयान जारी किया जाएगा.
कैश फॉर क्वेरी केस में घिरीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सबसे पहले Apple की ओर से मिले अलर्ट का स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. महुआ ने कहा, APPLE से मुझे अलर्ट और ईमेल मिला कि सरकार मेरे फोन और ईमेल को हैक करने की कोशिश कर रही है.
महुआ के अलावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर, पवन खेड़ा और शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी अपने फोन में आए इस तरह के अलर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है. महुआ ने दावा किया कि आप सांसद राघव चड्ढा, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी के फोन पर भी ये अलर्ट आया है. उधर, AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपने फोन पर अलर्ट मिलने का दावा किया है.
So far list of INDIAns that @HMOIndia have tried to hack have been myself, @yadavakhilesh,@raghav_chadha @ShashiTharoor @priyankac19 @SitaramYechury @Pawankhera & others in office of @RahulGandhi .
This is worse than Emergency. India is being run by low life Peeping Toms.— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) October 31, 2023
महुआ ने गृह मंत्रालय को टैग करते हुए आगे लिखा, अडानी और पीएमओ के लोग, जो मुझे डराने की कोशिश कर रहे हैं, आपके डर से मुझे आप पर दया आ रही है. उन्होंने कहा, शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, मुझे और INDIA गठबंधन के तीन अन्य नेताओं को अब तक ऐसे अलर्ट मिले हैं. उन्होंने इन अलर्ट्स के स्क्रीन शॉट भी शेयर किए हैं.
Received text & email from Apple warning me Govt trying to hack into my phone & email. @HMOIndia - get a life. Adani & PMO bullies - your fear makes me pity you. @priyankac19 - you, I , & 3 other INDIAns have got it so far . pic.twitter.com/2dPgv14xC0
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) October 31, 2023
शशि थरूर के फोन पर भी आया अलर्ट
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी ट्वीट कर बताया कि उनके पास भी Apple की ओर से अलर्ट आया है. उन्होंने कहा, मेरे जैसे टैक्स पेयर के खर्चों में अल्प-रोजगार अधिकारियों को व्यस्त रखने में खुशी हुई! उनके पास करने के लिए और कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है?
Received from an Apple ID, threat-notifications@apple.com, which I have verified. Authenticity confirmed. Glad to keep underemployed officials busy at the expenses of taxpayers like me! Nothing more important to do?
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) October 31, 2023
@PMOIndia @INCIndia @kharge @RahulGandhi pic.twitter.com/0Hyj6fmdtO
क्या है कैश फॉर क्वेरी केस?
दरअसल, पिछले दिनों बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा पर संसद में सवाल पूछने के लिए एक व्यवसायी से रिश्वत लेने का आरोप लगाया था. उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन करने की अपील की थी.
इसके बाद ओम बिरला ने इस मामले को संसद की आचार समिति के पास भेजा था. निशिकांत ने जय अनंत देहाद्राई से मिले एक पत्र के हवाले से मोइत्रा पर ये आरोप लगाए. निशिकांत दुबे का दावा है कि लोकसभा में हाल ही में पूछे गए महुआ मोइत्रा के 61 में से 50 सवाल अडानी मुद्दे पर केंद्रित थे.
वहीं, मोइत्रा ने इस पूरे विवाद के लिए निशिकांत दुबे और उनके पूर्व दोस्त जय अनंत को दोषी ठहराया. उन्होंने 17 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए ये आरोप लगाए गए हैं.
महुआ मोइत्रा की याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट दुबे, देहाद्राई और कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और मीडिया हाउसों को उनके खिलाफ कोई भी फर्जी और अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने, प्रसारित करने या प्रकाशित करने से रोकने के निर्देश जारी करे. हालांकि, महुआ के वकील इस केस से हट गए. अब इस मामले में 31 अक्टूबर को सुनवाई होगी.
2 नवंबर को पेश होंगी महुआ मोइत्रा
संसद की एथिक्स कमेटी इस मामले में जांच कर रही है. निशिकांत दुबे और जय अनंत के बयान दर्ज कर चुकी है. एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा को 2 तारीख को पेश होने के लिए कहा है. हालांकि, महुआ ने शुक्रवार को अपने पत्र में एथिक्स कमेटी के सामने पेश होने के लिए 5 नवंबर के बाद बुलाने को कहा था. इस पर कमेटी की ओर से कहा गया है कि टीएमसी सांसद को 2 नवंबर को एथिक्स कमेटी के सामने पेश होना होगा. वे बैठक की तारीख को फिर से निर्धारित करने के किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं करेंगे.