तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने सोमवार को लोकसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी की पुर्जोर आलोचना की. उन्होंने कहा कि उन्हें चुप कराने की कोशिश करते-करते बीजेपी को 63 सांसदों से हाथ धोना पड़ा, जिन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में सवाल के बदले कैश मामले में दिसंबर 2023 में 17वीं लोकसभा से अपने निष्कासन का जिक्र करते हुए कहा, "पिछली बार जब मैं खड़ी हुई थी, तो मुझे बोलने नहीं दिया गया था. सत्तारूढ़ दल को एक सांसद की आवाज दबाने की बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ी है."
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मोइत्रा ने कहा, "मुझे चुप कराने की कोशिश में जनता ने उन्हें चुप करा दिया, जिससे उन्हें 63 सांसद गंवाने पड़े... मुझको बिठाने के चक्कर में जनता ने आपको बिठा दिया, आपके 63 सांसद गंवा दिए."
सेंगोल पर महुआ मोइत्रा ने उठाए सवाल
महुआ मोइत्रा ने इस बात पर जोर दिया कि बीजेपी भविष्य में विपक्ष के साथ ऐसा व्यवहार नहीं कर पाएगी. मोइत्रा ने संसद में सेंगोल को स्थापित किए जाने की निंदा की और बीजेपी के 'राज तंत्र' की आलोचना करते हुए कहा कि यह देश के 'लोक तंत्र' पर हावी हो गया है.
टीएमसी सांसद ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरा
टीएमसी सांसद ने राष्ट्रपति के भाषण में महत्वपूर्ण मामलों को छोड़ने, संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व, कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने और चुनाव आयोग के कथित पक्षपात सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की.
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ट्रेनों की टक्कर पर भी सदन में सरकार से किया सवाल
पश्चिमं बंगाल के कृष्णानगर की सांसद मोइत्रा ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बारे में भी चिंता जताई, जिसमें ट्रेन टक्कर परिहार प्रणाली (कवच) की कमी की वजह से ट्रेन की टक्कर जैसी घटनाएं और हवाई अड्डों पर छत गिरने और सुरंग में पानी भरने जैसे एविएशन सेक्टर के मुद्दे शामिल हैं. मोइत्रा ने ऐसे खतरों से बचने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास में उचित योजना के जरूरतों पर जोर दिया.