देश में कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या फिर एक बार उछाल आने लगा है. देश में पिछले 24 घंटों में 3,824 नए मामले दर्ज किए गए. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार को साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक यह 2023 में एक दिन में सामने आने वाला सबसे बड़ा आंकड़ा है. इसके साथ ही देश में कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या 18,389 हो जाती है.
देश में H3N2 इन्फ्लुएंजा मामलों के आंकड़ों में तेज बढ़ोतरी के बीच कोरोना मामलों की संख्या में भी वृद्धि देखी गई है. देश में इस वक्त पॉजिटिविटी रेट 0.04% हैं जबकि रिकवरी दर वर्तमान में 98.77% है.
कोरोना से 4 की मौत
इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, केरल और राजस्थान में 4 मरीजों की मौत हो गई. इस बीच, तमिलनाडु जैसे कई राज्यों ने अस्पतालों में फेस मास्क अनिवार्य कर दिया है. केंद्र ने अपनी हालिया एडवाइजरी में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से टेस्टिंग और वैक्सिनेशन में तेजी लाने को कहा है.
अलर्ट मोड में यूपी के अस्पताल
गुरुवार को जारी एक एडवाइजरी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स और सरकारी व निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड में रखा है. सरकार ने कहा कि राज्य में सभी निगेटिव सैंपल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी.
तेजी से पैर पसार रहा कोरोना
इससे एक दिन पहले की बात की जाए तो शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को कोरोना के 416 नए मामले सामने आए, तो वहीं 1 व्यक्ति की मौत भी हुई. जबकि पॉजिटिविटी रेट 14.37 फीसदी दर्ज किया गया. इसके अलावा महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में शनिवार को 189 नए मामले सामने आए. जबकि एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1021 हो गई.
कोरोना मामलों में वैश्विक बढ़ोतरी
भारत में कोविड-19 के केस लगातार बढ़ रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में इस तरह के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया रिपोर्ट में भी कहा गया है कि भारत ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में नए COVID मामलों में अचानक उच्चतम आनुपातिक बढ़ोतरी देखी गई है. जबकि वैश्विक स्तर पर मामलों में लगभग 27 प्रतिशत की कमी आई है. WHO के अनुसार, भारत में कोरोना के नए मामले में 437 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और इस वृद्धि के लिए नया ओमिक्रॉन वैरिएंट XBB.1.16 जिम्मेदार है. WHO के अनुसार, यह वैरिएंट BA.2.10.1 और BA.2.75 का रिकंबाइंड है. WHO ने अपनी यह टिप्पणी 27 फरवरी से लेकर 26 मार्च 2023 तक के कोविड आंकड़ों पर की है. वैश्विक स्वास्थ्य निकाय ने कहा है कि राहत की बात यह है कि इस दौरान अस्पताल में भर्ती होने या कोरोना से होने वाली मौतों में कोई वृद्धि नहीं देखी गई है.