यूपी के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की उड़ानों को लेकर आज नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की अध्यक्षता में कई विभागों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत से पहले उड़ान सूची निर्धारित करने और आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने की समय सीमा तय की गई है. एयरपोर्ट पर 30 नवंबर को कमर्शियल उड़ानों का परीक्षण किया जाएगा. इस प्रशिक्षण में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया अकाशा और इंडिगो जैसी एयरलाइंस भाग लेंगे.
एक रनवे का काम पूरा
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. इस एयरपोर्ट की शुरुआत पहले 28 सितंबर 2024 को होना तय हुआ था लेकिन कार्य पूरा न होने के चलते अब इसकी उड़ने अप्रैल 2025 को शुरू की जाएगी. जिसको लेकर यहां पर एक रनवे का कार्य है लगभग पूरा हो चुका है. अब उस रनवे पर कमर्शियल उड़ानों का ट्रायल शुरू किया जाएगा. ट्रायल शुरू होने के बाद बोर्ड रिपोर्ट के आधार पर आगे उड़ानों को तय करने का निर्णय लेगा.
30 नवंबर को विमान भरेंगे उड़ान
यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी डॉ अरुणवीर सिंह ने बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि 30 नवंबर को कमर्शियल उड़ानों का परीक्षण किया जाएगा. इस प्रशिक्षण में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया अकाशा और इंडिगो जैसी एयरलाइंस भाग लेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि एयरपोर्ट पर केटेगरी एक और केटेगरी तीन दोनों इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) स्थापित कर दिए गए हैं और डीजीसीए ने इस का परीक्षण भी कर लिया है.
इसके साथ ही सीईओ ने बताया कि आगामी कार्यक्रम के अनुसार 4 से 6 अक्टूबर तक आईएलएस का कैलिब्रेशन किया जाएगा और इसकी रिपोर्ट 10 अक्टूबर तक प्रस्तुत की जाएगी. कैलिब्रेशन का प्रमाण पत्र 15 अक्टूबर तक जारी किया जाएगा. 15 नवंबर तक उड़ान प्रक्रिया डीजीसीए को सौप दी जाएगी और 25 नवंबर तक डीजीसीए उड़ानों का ड्राइंग तैयार करेगा. 30 नवंबर को होने वाले कमर्शियल उड़ान परीक्षण में 1 से 2 दिन लग सकते हैं. इसके बाद दिसंबर में एयरोड्रोम लाइसेंसिंग के लिए आवेदन किया जाएगा. जिसके लिए अधिकतम 90 दिनों में डीजीसीए द्वारा लाइसेंस जारी किया जाएगा जिसके बाद आगामी मार्च तक लाइसेंस मिलने की उम्मीद है.
अप्रैल 2025 में पूरी तरह होगा तैयार
अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईएटीए) की बैठक पहले ही हो चुकी है और नोएडा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसके लिए आवेदन कर दिया है. अप्रूवल मिलने के बाद ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत पर चर्चा की जाएगी. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत के पहले ही दिन एक या एक से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ाने और कई घरेलू उड़ाने शुरू होने की संभावना है. टिकट बुकिंग भी जल्द ही शुरू हो सकती है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 17 अप्रैल को अंतिम समय सीमा के रूप में निर्धारित किया है लेकिन उम्मीद है कि इससे पहले ही यहां से उड़ाने शुरू हो जाएंगे.
यह भी पढ़ें: नोएडा एयरपोर्ट से परीचौक के बीच शुरू होगी लाइट रेल ट्रांजिट सर्विस, 30 जून तक रिपोर्ट सौंपेगी कंपनी
यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी डॉ अरुणवीर सिंह ने बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि 30 नवंबर को कमर्शियल उड़ानों का परीक्षण किया जाएगा. इस प्रशिक्षण में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया अकाशा और इंडिगो जैसी एयरलाइंस भाग लेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि एयरपोर्ट पर केटेगरी एक और केटेगरी तीन दोनों इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) स्थापित कर दिए गए हैं और डीजीसीए ने इस का परीक्षण भी कर लिया है.
इसके साथ ही सीईओ ने बताया कि आगामी कार्यक्रम के अनुसार 4 से 6 अक्टूबर तक आईएलएस का कैलिब्रेशन किया जाएगा और इसकी रिपोर्ट 10 अक्टूबर तक प्रस्तुत की जाएगी. कैलिब्रेशन का प्रमाण पत्र 15 अक्टूबर तक जारी किया जाएगा. 15 नवंबर तक उड़ान प्रक्रिया डीजीसीए को सौप दी जाएगी और 25 नवंबर तक डीजीसीए उड़ानों का ड्राइंग तैयार करेगा. 30 नवंबर को होने वाले कमर्शियल उड़ान परीक्षण में 1 से 2 दिन लग सकते हैं. इसके बाद दिसंबर में एयरोड्रोम लाइसेंसिंग के लिए आवेदन किया जाएगा. जिसके लिए अधिकतम 90 दिनों में डीजीसीए द्वारा लाइसेंस जारी किया जाएगा जिसके बाद आगामी मार्च तक लाइसेंस मिलने की उम्मीद है.