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त्रिपुरा: भाजपा सांसद समीर उरांव की गाड़ी पर हमला, पथराव में बाल-बाल बचे

समीर उरांव को कोई चोट नहीं आई है. हालांकि उनके काफिले का हिस्सा एक अन्य भाजपा नेता घायल हो गए हैं. समीर उरांव को मौके से बचाने के लिए सुरक्षा गार्डों ने कुछ राउंड फायरिंग की. प्राथमिक जानकारी के अनुसार भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा गार्डों द्वारा हवा में दो राउंड फायरिंग की गई और समीर को मौके से बचा लिया गया.  

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भारतीय जनता पार्टी के सांसद समीर उरांव पर हमला
भारतीय जनता पार्टी के सांसद समीर उरांव पर हमला

भारतीय जनता पार्टी के सांसद और बीजेपी के एसटी मोर्चा के अध्यक्ष समीर उरांव पर बीती रात त्रिपुरा के अगरतला के बाहरी इलाके में अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया. इस दौरान उनके वाहन पर पथराव किया गया. उन्हें कोई चोट नहीं आई है. हालांकि उनके काफिले का हिस्सा एक अन्य भाजपा नेता घायल हो गए हैं.

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समीर उरांव को मौके से बचाने के लिए सुरक्षा गार्डों ने कुछ राउंड फायरिंग की. प्राथमिक जानकारी के अनुसार भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा गार्डों द्वारा हवा में दो राउंड फायरिंग की गई और समीर को मौके से बचा लिया गया.  मामले में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा का जा रही है.

बता दें कि राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा एक्टिव दिखाई दे रही है. भाजपा ने त्रिपुरा विधानसभा को लेकर कुछ फेरबदल किए हैं. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उत्तर प्रदेश से विधान परिषद नेता महेंद्र सिंह को त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रभारी नियुक्त किया है. वहीं राज्यसभा सांसद समीर उमराव को सह प्रभारी नियुक्त किया है.

पूर्वोत्तर राज्य में मार्च 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में त्रिपुरा का सियासी पारा भी हाई होने लगा है. भाजपा अभी से ही एक्टिव दिखाई दे रही है जबकि इन चुनावों से पहले भी भाजपा के लिए 2 अहम पड़ाव (गुजरात और हिमाचल) बाकी हैं. राज्य में पिछले विधानसभा चुनावों पर एक नजर डाली जाए तो 2018 के विधानसभा चुनावों में 60 विधानसभा सीटों में से बीजेपी ने 35 सीटें जीतीं थीं, जबकि 25 साल से सत्ता में काबिज सीपीआई (एम) को सिर्फ 16 सीटों से संतोष करना पड़ा था. वहीं IPFT को 8 सीटों पर जीत मिली थी.

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इनपुट- रेश्मि और अनुपम

 

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