त्रिपुरा के ख्वाई जिले में बिना वैध दस्तावेजों के भारत में प्रवेश करने के आरोप में 4 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा एक भारतीय व्यक्ति को भी इन बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने तेलियामुरा रेलवे स्टेशन के पास गुप्त सूचना के आधार पर इन्हें पकड़ा.
प्रारंभिक जांच में बांग्लादेशी नागरिकों ने बताया कि वे मोलवीबाजार जिले से आए थे और उत्तर त्रिपुरा के धर्मनगर में काम की तलाश में जाने के इरादे से दाखिल हुए थे. पुलिस के अनुसार चारों ने बिना वैध दस्तावेजों के भारतीय सीमा में प्रवेश किया, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान मोइनुद्दीन मियां, रिमोन मियां, रहीम अहमद और सुमन मियां के रूप में हुई है. इन चारों आरोपियों के साथ ही धर्मनगर निवासी आमिर उद्दीन को भी अरेस्ट किया गया है, जो इन बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ में मदद कर रहा था. सभी आरोपियों को शनिवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने तीन दिनों की रिमांड की मांग की. इस मामले में जांच जारी है.
सब-इंस्पेक्टर कमलेंदु धर ने बताया कि हम घुसपैठ के पूरे मामले की तहकीकात कर रहे हैं. यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इनका यहां आने का मकसद क्या था और इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है.
बता दें कि भारत और बांग्लादेश के बीच 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक जुड़ाव का प्रतीक है. हालांकि, यह सीमा भारत में बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या का मुख्य कारण भी बन गई है.
घुसपैठ की मुख्य वजह बांग्लादेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी, बेरोजगारी और संसाधनों की कमी है. इसके चलते लोग भारत में बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में आते हैं. इसके अलावा बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा, दमन और अल्पसंख्यकों पर हमलों के कारण भी कई लोग पलायन करते हैं.