ट्विटर और टि्वटर इंडिया के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. इस याचिका में कहा गया है कि ट्विटर और ट्विटर इंडिया भारत सरकार की ओर से बनाए गए आईटी रूल्स 2021 का उल्लंघन कर रहे हैं. दिल्ली हाईकोर्ट में यह याचिका वकील अमित आचार्य की तरफ से लगाई गई है. फरवरी में बनाए गए नए आईटी रूल में सरकार ने साफ कर दिया था कि जिस किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के 50 लाख से अधिक फॉलोवर हैं, उसको अपने यहां रेजिडेंट ग्रीवेंस ऑफिसर (Resident grievance officer) की नियुक्ति करनी होगी.
नए नियमों में यह प्रावधान भी किया गया था कि अगर किसी भी यूजर को किसी भी तरह की कोई समस्या आती है या उसके खिलाफ कुछ डेफामेटरी (defamatory) बात उस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की जा रही है या उसका कोई फर्जी एकाउंट बनाकर उसकी छवि को खराब करने की कोशिश की जाती है तो उस यूजर की शिकायत को 24 घंटे के भीतर एक्नॉलेज करके एक ट्रैकिंग नंबर जेनेरेट करके 15 दिन में समस्या का समाधान करना अनिवार्य था.
ट्विटर ने अपने यूजर्स के लिए नए आईटी रूल्स के मुताबिक कोई कदम नहीं उठाया है जो आईटी रूल 2021 के तहत अनिवार्य था. आईटी रूल 25 फरवरी 2021 को बनाया गया था और उस समय सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इसे लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया था लेकिन अभी तक इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खासकर टि्वटर, फेसबुक, वॉट्सएप और सरकार के बीच रस्साकशी ही चल रही है.
आईटी रूल्स 2021 के तहत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोडल ऑफिसर और सिर्फ ग्रीवेंस ऑफिसर की नियुक्ति करना अनिवार्य है. नोडल ऑफिसर का भारतीय होना जरूरी था. साथ ही यह प्रावधान भी किया गया था कि भारत की किसी जांच एजेंसी को यदि सोशल मीडिया पर किसी अकाउंट से जुड़ी कोई जानकारी चाहिए तो नोडल ऑफिसर उसे तुरंत उपलब्ध कराएंगे.
चीफ ग्रीवेंस ऑफिसर की नियुक्ति का प्रावधान इसलिए किया गया था कि वे हर महीने सरकार को यह बताएंगे कि कितनी शिकायतें यूजर्स की तरफ से मिलीं और उनमें से कितनी शिकायतों का निपटारा हुआ. कंपनी यूजर्स की समस्याओं के समाधान के लिए किस तरह का मेकैनिज्म अपना रही है. ट्विटर की तरफ से अभी इस आईटी रूल्स का भी पालन नहीं किया गया है. ट्विटर के खिलाफ दायर इस याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हो सकती है.