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ट्विटर का एक और बड़ा एक्शन, RSS प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट से ब्लू टिक हटाया

ट्विटर ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ट्विटर अकाउंट से 'ब्लू टिक' हटा दिया है. इससे पहले शनिवार सुबह उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के पर्सनल ट्विटर अकाउंट से भी ब्लू टिक हटा दिया गया था. हालांकि करीब दो घंटे बाद उनके अकाउंट पर दोबारा ब्लू टिक आ गया था.

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मोहन भागवत (फाइल फोटो-PTI)
मोहन भागवत (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मोहन भागवत का अकाउंट ट्विटर ने अनवेरिफाई किया
  • आरएसएस के कई नेताओं के अकाउंट से ब्लू टिक हटा

केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच एक बार फिर से नया विवाद पैदा हो सकता है. ये विवाद ट्विटर अकाउंट से 'ब्लू टिक' हटाने को लेकर होने की पूरी संभावना है. शनिवार सुबह ही उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हट गया था और अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का अकाउंट भी अनवेरिफाई कर दिया गया है. हालांकि, वेंकैया नायडू का अकाउंट दो घंटे बाद दोबारा वेरिफाई कर दिया गया था. लेकिन संघ प्रमुख समेत आरएसएस के कई नेताओं के अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया गया है. 

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सुबह जब वेंकैया नायडू के अकाउंट वेरिफिकेशन को लेकर विवाद हुआ था तो ट्विटर की ओर से सफाई में कहा गया था कि अकाउंट में लॉग इन हुए 6 महीने से ज्यादा वक्त बीत गया था, इस वजह से ब्लू टिक हट गया था. मोहन भागवत के अकाउंट से भी ब्लू टिक हटने के पीछे यही वजह हो सकती है. मोहन भागवत का ट्विटर अकाउंट मई 2019 में बना था, लेकिन अभी उनके ट्विटर पर एक भी ट्वीट नहीं दिखा रहा है.

मोहन भागवत से पहले आरएसएस के कई बड़े नेताओं के अकाउंट को भी ट्विटर ने अनवेरिफाई कर दिया था. इनमें सुरेश सोनी, सुरेश जोशी और अरुण कुमार जैसे नेता शामिल हैं. 

ट्विटर के नियम कहते हैं कि पिछले 6 महीने में लॉग इन करना जरूरी है, तभी उसे एक्टिव अकाउंट माना जाएगा. हालांकि, इसके लिए जरूरी नहीं है कि आप ट्वीट, रिट्वीट, लाइन, फॉलो, अनफॉलो करें. लेकिन अकाउंट एक्टिव रखने के लिए 6 महीने में एक बार लॉग इन करना जरूरी है और प्रोफाइल अपडेट रखना जरूरी है.

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