बीते सोमवार केंद्र सरकार की अपील के बाद ट्विटर ने करीब 250 ट्वीट्स/अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया था. केंद्र सरकार की कानूनी अपील के बाद ट्विटर ने यह फैसला लिया था. हालांकि बाद में ट्विटर ने कुछ अकाउंट्स से पाबंदी हटा ली थी. ट्विटर जैसी कंपनियां पब्लिक यूटिलिटी के तौर पर काम करती हैं. कुछ नियम और शर्तों के साथ कंपनी संचार और प्रसार की सुविधा देती है. इन नियमों का अगर उल्लंघन होता है तो ऐसे में ट्विटर ऐसे अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई करती है.
किसान आंदोलन को लेकर ट्वीट कर रहे इन अकाउंट्स के साथ भी ट्विटर ने ऐसा ही किया. जब इन अकाउंट्स पर बैन को लेकर सरकार की तरफ से की गई लीगल डिमांड की जानकारी मांगी गई तो ट्विटर ने इसे साझा करने से मना कर दिया. अकाउंट्स के ब्लॉक करने के कुछ घंटे बाद ही ट्विटर को जब लगा कि कुछ अकाउंट्स की वाकई अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है और ये हैंडल लोगों तक खबरें पहुंचने वाले हैंडल हैं तो ट्विटर ने इन्हें अनब्लॉक कर दिया. हालांकि अकाउंट्स को अनब्लॉक करने के साथ इसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई.
किन अकाउंट्स पर लगा था बैन?
ब्लॉक किए गए सभी अकाउंट्स की सूची तो नहीं मिल पाई है लेकिन जिन प्रमुख अकाउंट्स पर बैन लगाया गया था, उनमें @imMAK02s, @thecaravanindia, @Kisanektamorcha, @manavijyan, @derasachasauda, @Bkuektaugrahan, @tractor2twitr, @aartic02, @sushant_says, @salimdotcomrade, @sanjukta, @HansrajMeena, @EpicRoflDon, @shashidigital शामिल हैं. दिलचस्प यह है कि @shashidigital प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर का ट्विटर हैंडल है. कहा यह भी जा रहा है कि इस अकाउंट पर इस गफलत में बैन लगाया गया कि यह शायद कांग्रेस नेता शशि थरूर का है.
अकाउंट्स पर प्रतिबंध की वजह!
शुरुआत में इस बात की जानकारी नहीं थी कि अकाउंट्स पर प्रतिबंध क्यों लगाए गए. सोमवार को दोपहर दो बजे के करीब ट्विटर यूजर्स को नजर आया कि कई प्रमुख अकाउंट्स पर ताला लग चुका है. ट्विटर की नीतियों के मुताबिक अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाने से पहले अकाउंट होल्डर को इस बात की जानकारी दी जाती है. जबकि कारवां मैगजीन के संपादक का कहना है कि उन्हें ट्विटर की तरफ से कारवां के ट्विटर हैंडल को बैन करने की पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी. हालांकि ट्विटर की तरफ से लीगल डिमांड के बारे में जानकारी दी गई लेकिन तब भी यह स्पष्ट नहीं हुआ कि लीगल डिमांड कोर्ट के जरिए की गई थी या फिर यह सरकार की तरफ से भेजा गया एक पत्र मात्र था.
सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया था कि भारतीय आईटी मंत्रालय ने ट्विटर से तकरीबन 120 अकाउंट और 130 ट्वीट्स पर बैन लगाने की मांग की थी. सूत्रों के मुताबिक ये अकाउंट शनिवार 30 जनवरी को किसान आंदोलन को लेकर भ्रामक ट्वीट्स कर रहे थे. आईटी मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों और गृह मंत्रालय की तरफ से दी गई सुरक्षा एहतियात की दलील के बाद यह एक्शन लिया था.
हालांकि स्पष्ट तौर पर यह भी नहीं बताया जा सका कि किन अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई थी. पहले कहा गया कि खास तरह के हैशटैग चलाने वाले अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई लेकिन बाद में यह पाया गया कि जिन अकाउंटस ने यह हैशटैग इस्तेमाल नहीं किया था उनपर भी कार्रवाई की गई थी. कहा यह भी जा रहा है कि सरकार की तरफ से इन अकाउंट्स को लेकर कार्रवाई की मांग को मानते हुए ट्विटर ने कार्रवाई कर दी लेकिन बाद में हो हल्ला होने के बाद कुछ अकाउंट्स से बैन हटा लिया गया.
(जावेद अनवर की रिपोर्ट)