छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के विशाल नगर क्षेत्र में शनिवार को एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत में सेंट्रिंग ढांचा गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए. यह हादसा वीआईपी रोड पर हुआ, जहां एक प्राइवेट रियल एस्टेट कंपनी का निर्माण कार्य चल रहा था. वहीं, रियल एस्टेट कंपनी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है.
रायपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि घटना दोपहर करीब 3:30 बजे इमारत की आठवीं मंजिल पर स्लैब डालने का काम चल रहा था. इस दौरान सेंट्रिंग का ढांचा अचानक टूटकर नीचे गिर गया. हादसे के समय आठ मजदूर लोहे की छड़ों और निर्माण सामग्री के मलबे में दब गए. सभी को तत्काल बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
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इनमें से दो मजदूरों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. शेष छह घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने भी बचाव अभियान में मदद की. रायपुर पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह ने बताया कि मलबे में अब कोई मजदूर फंसा नहीं है, लेकिन मलबा पूरी तरह हटाने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिलेगी.
मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा
निर्माणाधीन परियोजना के मालिक ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है. वहीं, एक मजदूर प्रद्युम ने बताया कि वह ग्राउंड फ्लोर पर काम कर रहा था, तभी सेंटरिंग फ्रेम के गिरने की तेज आवाज आई. कुछ मजदूर ऊपरी मंजिल से नीचे गिर गए, जबकि कुछ मलबे में फंस गए. वहीं, घटनास्थल पर मौजूद कुछ मजदूरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि साइट पर सुरक्षा उपायों की कमी थी. इस संबंध में पूछे जाने पर एसपी सिंह ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.