तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और DMK की यूथ विंग के सचिव उदयनिधि स्टालिन राज्य के नए डिप्टी सीएम बन गए हैं. हालांकि इसी साल जनवरी से ही उदयनिधि स्टालिन के प्रमोशन की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन कई कारणों से इसे टाल दिया गया. जिनमें से एक महत्वपूर्ण कारण ये था कि बीजेपी ने उनके 'सनातन धर्म' वाले बयान को लेकर उन पर तीखा निशाना साधा था.
इसके बाद लोकसभा चुनाव के कारण उदयनिधि के प्रमोशन पर ब्रेक लग गए थे. मामला थोड़ा आगे बढ़ा ही था कि सूबे में कल्लकुरिची शराब कांड हो गया, इसमें 66 लोगों की जान चली गई. हालांकि पार्टी के शीर्ष सूत्रों ने कहा कि अगस्त में उदयनिधि स्टालिन के प्रमोशन के लिए सब कुछ तैयार था, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए गए सेंथिल बालाजी के जमानत पर रिहा होने तक इंतजार करने का फैसला किया गया.
सीएम एमके स्टालिन, जिन्होंने पहले उदयनिधि के प्रमोशन पर सवाल को टालने की कोशिश की थी और कहा था कि अभी समय सही नहीं है, लेकिन सेंथिल बालाजी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिलने के दो दिन बाद ही उन्होंने अपना रुख बदल दिया और कहा कि (मंत्रिमंडल में) बदलाव होगा, लेकिन निराशा नहीं होगी. जहां सेंथिल बालाजी को मंत्रिपरिषद में वापस लाया गया, वहीं उदयनिधि को डिप्टी सीएम बनाया गया. एमके स्टालिन ने कहा कि उदयनिधि ने हमेशा कहा है कि यह मुख्यमंत्री का फैसला है और वह इसका पालन करेंगे. हालांकि डीएमके के भीतर उदयनिधि के प्रमोशन का लंबे समय से इंतजार था, क्योंकि शीर्ष नेता पार्टी और सत्ता को आगे बढ़ाने के लिए नए 'थलपति' की प्रतीक्षा कर रहे थे.
'उदयनिधि पार्टी का भविष्य और उम्मीद'
डीएमके प्रवक्ता सलेम धरणीधरन ने कहा कि उदयनिधि इस प्रमोशन के हकदार हैं. मैं उदयनिधि को उनकी पदोन्नति के लिए बधाई देता हूं. उन्होंने खेल मंत्री के रूप में तमिलनाडु को वैश्विक मानचित्र पर लाकर खड़ा किया है, चाहे वह शतरंज ओलंपियाड हो या अन्य इनीशिएटिव्स. सलेम धरणीधरन ने कहा कि तमिलनाडु के इतिहास में कहीं भी कोई खेल मंत्री इतना एक्टिव नहीं रहा है. पार्टी में हर कोई चाहता था कि वह उपमुख्यमंत्री बनें, क्योंकि वह भविष्य और उम्मीद है.
AIADMK ने किया फैसले का विरोध
हालांकि AIADMK ने इस फैसले को अस्वीकार्य बताया है, क्योंकि 2021 में एक इंटरव्यू में सीएम एमके स्टालिन ने कहा था कि उनकी पार्टी से कोई भी राजनीति में एंट्री नहीं करेगा. AIADMK के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि यह लोकतंत्र के नाम पर वंशवाद का शासन है. पिता, पुत्र और पौत्र. DMK इसी से बना है. DMK का मतलब है सिर्फ एक परिवार है जिसमें करुणानिधि, स्टालिन और उदयनिधि स्टालिन हैं.
कई बार खुद को किया साबित
उदयनिधि स्टालिन ने पहले ही कैबिनेट में एक बड़ी भूमिका निभाई है, क्योंकि वह न केवल खेल मंत्री हैं, बल्कि 'विशेष कार्यक्रम कार्यान्वयन' भी संभालते हैं और कई अवसरों पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का चेहरा रहे हैं, जैसे कि कल्लाकुरिची शराब त्रासदी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को संभालना. DMK के विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि अब उदयनिधि के पास अपने डिप्टी हैं, जिनमें सूत्रों के अनुसार उद्योग मंत्री, शिक्षा मंत्री और अब सेंथिल बालाजी भी शामिल हैं, जो उनके मजबूत समर्थक बन गए हैं.
उदयनिधि के आगे होंगी ये चुनौतियां
डीएमके के शीर्ष नेताओं का यह भी दावा है कि 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी और सरकार का नेतृत्व करने के लिए उन्हें अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जाएगा. उदयनिधि की मौजूदा चुनौतियां और बढ़ेंगी, क्योंकि डिप्टी सीएम की कुर्सी पर बैठने के बाद उदयनिधि को पलानीसामी की कड़ी आलोचना, अन्नामलाई का मज़ाक, सवुक्कु शंकर जैसे यूट्यूबर्स के आरोपों का जवाब देना होगा और विजय की स्टार पावर का सामना करना होगा. उदयनिधि के पास निश्चित रूप से उनके पिता एमके स्टालिन हैं, लेकिन क्या उदयनिधि 'सूर्य' बनेंगे या फिर 'white dwarf'(सफेद बौना) बनकर रह जाएंगे. यह सिर्फ इस बात से निर्धारित होगा कि वह अपने पिता के काम को कैसे संभालते हैं.