समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर उत्तराखंड में गतिविधियां तेज हो गई हैं. सोमवार को देहरादून में अतिथि गृह में पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में UCC की रूल्स एंड फ्रेमवर्क कमेटी द्वारा इस रिपोर्ट की आखरी दौर की तैयारी की गई है.
शत्रुघ्न सिंह का कहना है, "हमारी समिति की आज आखरी मीटिंग थी. इसके बाद हम ड्राफ्ट में आखरी चेंजेस करके इसे छपाई के लिए भेजेंगे. प्रिंटिंग होने के बाद इस पूरे ड्राफ्ट को मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा, लेकिन हमारी समिति का काम पूरा हो चुका है." इस समिति में मनु गौड़, सुरेखा डंगवाल, एडीजी अमित सिन्हा समेत दिल्ली में उत्तराखंड के रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा भी शामिल हैं.
9 नवंबर को सीएम को पूरा ड्राफ्ट सौंपेगी कमेटी
शत्रुघ्न सिंह ने दावा किया है कि हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की 9 नवंबर को UCC के कानून को पूरी तौर से धरातल पर लाने की घोषणा के साथ, लागू करने से कई दिन पहले इसका पूरा ड्राफ्ट समिति उन्हें सौंपेगी. इसके साथ ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां समान नागरिक संहिता लागू किया जाएगा.
13 मार्च को राष्ट्रपति ने दी थी मंजूरी
इस साल फरवरी में, उत्तराखंड विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) बिल को लागू किया, जो विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों से संबंधित मुद्दों को संबोधित करता है. इसके बाद, राज्य ने नियम बनाने और कार्यान्वयन समिति का गठन किया, जिसे UCC के कार्यान्वयन ढांचे का प्रारूप तैयार करने का कार्य सौंपा गया. 13 मार्च को राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यूसीसी कानून तो बन गया, लेकिन यह कानून धारा तल पर कैसे उतरेगा इसको लेकर रूल्स एंड फ्रेमवर्क समिति ने गहन अध्ययन किया है.
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500 पन्नों की तैयार की गई रिपोर्ट
इस समिति ने 130 से अधिक बार बैठक की है और एक 500 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है. शादी और लिव-इन रजिस्ट्रेशन, वसीयत दस्तावेजीकरण और संशोधनों के लिए डिजिटल सुविधाएं – ये सभी अनुशंसाएं उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के नियम बनाने वाली समिति द्वारा की गई हैं, जिसने सोमवार को अपनी अंतिम बैठक की.