देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने को लेकर सरकार ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है. कानून मंत्री किरन रिजिजू ने राज्यसभा में ये जानकारी दी है. किरन रिजिजू ने गुरुवार को राज्यसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर एक सवाल के जवाब में ये बातें कहीं. उन्होंने ये भी बताया कि लॉ कमीशन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक इससे जुड़ा मामला अब 22वें लॉ कमीशन के पास है.
केंद्रीय कानून मंत्री ने ये भी कहा कि सरकार ने 21वें लॉ कमीशन से यूनिफॉर्म सिविल कोड से संबंधित विभिन्न समस्याओं का परीक्षण कर अपने सुझाव देने का आग्रह किया था. 21 वें लॉ कमीशन का कार्यकाल 31 अगस्त 2018 को समाप्त हो गया था. उन्होंने ये कहा कियूनिफॉर्म कोड का मामला 22वें लॉ कमीशन के पास है जो विचार कर रहा है.
जजों के चयन से जुड़ी प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट के साथ इसे लेकर जारी गतिरोध को लेकर एक सवाल पर रिजिजू ने कहा कि सरकार ने एक संवैधानिक सर्च पैनल के गठन का सुझाव दिया है जिसमें हमारी ओर से नामित व्यक्ति भी हो. उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट सर्च कमेटी के गठन को लेकर सहमत नहीं है.
कानून मंत्री ने साथ ही ये भी साफ किया कि सरकार ने उच्च स्तर पर जजों के चयन के लिए कॉलेजियम में अपने नामित सदस्य को शामिल करने का सुझाव नहीं दिया है. गौरतलब है कि संसद का बजट सत्र चल रहा है. संसद के बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई. विपक्ष ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर चर्चा की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया.
बता दें कि जजों की नियुक्ति के पैनल को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार आमने-सामने हैं. केंद्र सरकार की ओर से अपने नामित प्रतिनिधि के साथ सर्च पैनल के गठन के सुझाव को सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया था. पिछले दिनों कानून मंत्री रिजिजू ने एक ट्वीट भी शेयर किया था जिसमें कोर्ट की ओर से संविधान को हाईजैक करने की कोशिश की बात कही गई थी.