अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद वहां फंसे दूसरे देशों के लोगों को निकालने का काम जारी है. बड़ी संख्या में भारतीय भी फंसे हैं और उनके परिजन उनके सकुशल वापसी की गुहार लगा रहे हैं. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मसले पर कहा है कि जो भी नागरिक वहां से आना चाहते हैं उन्हें लाना हमारी जिम्मेदारी है.
अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने में एयर इंडिया की क्या भूमिका होगी, आजतक के सवाल के जवाब में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अफगानिस्तान में जो स्थिति पैदा हुई उसके पहले ही प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) को हमारे नागरिकों के प्रति बड़ी चिंता लग रही थी. तभी उन्होने आदेश दिया कि जो भी नागरिक वहां से आना चाहते हैं उन्हें लाना हमारी जिम्मेदारी है.
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उन्होंने कहा कि पिछले गुरुवार से एअर इंडिया से हमारे नागरिकों को भारत लाने का कार्य हमने प्रारंभ किया. ये फ्लाइट रविवार तक सुचारू रूप से चल रही थी. अफगानिस्तान ने सोमवार को अपने एयर स्पेस को अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए बंद कर दिया. तब हमने निर्णय किया कि वायुसेना के विमान को भेजा जाए. तब C17 ग्लोबमास्टर को भेजा गया.
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने आजतक से कहा कि अभी 125 नागरिक काबुल से हिंडन एयरबेस (गाजियाबाद) लैंड हुए हैं. हमारा प्रयास है कि एक भी नागरिक जो भारत आना चाहता हो वो वापस आए. हमारी कोशिश होगी कि एक-एक व्यक्ति को सुरक्षित वापस लाएं.