कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को मानहानि के केस में मिली सजा के मामले में सयुंक्त राष्ट्र (United Nations) का बयान आया है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के एक प्रवक्ता ने कहा है कि UN इस बात से वाकिफ है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दो साल की जेल की सजा मिली है और उनकी पार्टी द्वारा इस फैसले के खिलाफ अपील की गई है.
यूएन का बयान
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सवालों का जवाब दे रहे थे. जब उनसे पूछा गया कि क्या गुटेरेस भारत में 'लोकतंत्र के बारे में चिंतित' हैं? तो हक ने कहा, 'मैं कह सकता हूं कि हम राहुल गांधी के मामले के बारे में जो रिपोर्ट आई है उससे अवगत हैं. हमें पता चला है कि उनकी पार्टी फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है. फिलहाल मैं इस मामले पर इतना ही कह सकता हूं.'
कोर्ट ने माना था दोषी
राहुल गांधी को गुरुवार को सूरत की एक अदालत ने 'मोदी सरनेम' वाले बयान के लिए दोषी माना था. कोर्ट ने राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि मामले में दो साल की जेल की सजा सुनाई थी. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा की अदालत ने राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 के तहत दोषी ठहराया था. इसके साथ ही अदालत ने उन्हें जमानत दे दी और 30 दिनों के लिए सजा को निलंबित कर दिया ताकि वह उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने की अनुमति मिल सके.
राहुल ने दिया था ये बयान
राहुल गांधी ने कर्नाटक में 13 अप्रैल 2019 को चुनावी रैली में कहा था कि नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है? सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है? इसके बाद बीजेपी विधायक ने मानहानि का केस करते हुए आरोप लगाया था कि राहुल ने 2019 में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पूरे मोदी समुदाय को कथित रूप से यह कहकर बदनाम किया कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है? उनके इस बयान से हमारी और समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची. पूर्णेश भूपेंद्र पटेल सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री थे. वे दिसंबर में सूरत से दोबारा विधायक चुने गए हैं.