अफगानिस्तान (Afghanistan) पर तालिबान (Taliban) के कब्जे के बाद बने हालात को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने आपात बैठक की. इस बैठक में भारत ने कहा कि हमारी अतंरराष्ट्रीय समुदाय से, खासकर इस बैठक में शामिल राष्ट्रों से अपील है कि अफगानिस्तान में हिंसा रोकने और हालात को सामान्य करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं.
अफगानिस्तान में लोगों में दहशत- भारत
संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा अफगानिस्तान के पड़ोसी और यहां के लोगों के दोस्त होने के नाते भारत अफगानिस्तान के मौजूद हालात को लेकर चिंतित है. अफगानिस्तान के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों में लगातार दहशत का मौहाल है. वे लोग अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित हैं. हर कोई अफगानिस्तान में लोगों के अधिकारों के बढ़ते हनन को लेकर चिंतित है. अफगानी लोगों में चिंता है कि क्या वह अपने अधिकारों और सम्मान के साथ वहां रह पाएंगे? कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब नहीं दिए गए हैं.
उन्होंने कहा कि बीते दस दिन में हम दूसरी बार अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा करने के लिए बैठक कर रहे हैं. कम समय में ही हमने अफगानिस्तान में बड़े बदलाव देखे हैं. हमने काबुल एयरपोर्ट से आई दुर्भाग्यपूर्ण तस्वीरें भी देखी हैं. यहां लोगों में काफी भय है. बच्चे और महिलाएं चिंतित हैं. अफगानिस्तान में एक गहरा मानवीय संकट सामने आया है.
भारत की तरफ से कहा गया कि हम उम्मीद करते हैं कि हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे और संबंधित पार्टियां मानवीय और सुरक्षा मसले का हल निकालेंगी. हम इस बात की भी उम्मीद करते हैं कि अफगानिस्तान में महिलाओं, बच्चों और लोगों के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा. अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति के सामने कई सारी चुनौतियां हैं. हालांकि यहां कई सारी संभावनाएं भी हैं. अगर अफगानिस्तान में किसी भी तरह के आतंकवाद को मदद नहीं मिलेगी और आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस रहेगा. अफगानिस्तान की धरती को अन्य देशों में आतंक फैलाने के लिए आतंकियों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा तो यहां के लोग सुरक्षित महसूस करेंगे.
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पड़ोसी और दोस्त होने के नाते अफगानिस्तान को लेकर चिंता- भारत
यूएनएससी बैठक में भारत की ओर से कहा गया कि अफगानिस्तान ने पहले ही काफी हिंसा का सामना किया है. अंतरराष्ट्रीय सुमदाय के लिए यह समय एकजुट होने का है. किसी भी पक्षपाती हित को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान के लोगों का समर्थन किया जाना चाहिए. यहां के लोग शांति, स्थिरता और सुरक्षा चाहते हैं. भारत ने अफगानिस्तान में काफी निवेश किया है. बीते सालों में अफगानिस्तान में विद्युत, पानी, रोड, स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्माण, और कृषि क्षेत्रों में अफगानिस्तान के मदद के लिए भारत ने कई परियोजनाएं शुरू की हैं. मौजूदा संकट से पहले भारत अफगानिस्तान के सभी 34 प्रांतों में विकास कार्यों पर काम कर रहा था.
भारत ने कहा कि अफगानिस्तान संकट को लेकर हम, संयुक्त राष्ट्र, राजनयिकों, मानवाधिकार के संस्थाओं और सभी पक्षों से यहां कानून व्यवस्था बनाने में मदद करने और अफगानी लोगों की मदद करने की अपील करते हैं.