सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई हुई. इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पाकिस्तान की ओर से आ रही प्रदूषित हवा दिल्ली को प्रभावित कर रही है. यूपी सरकार ने तर्क दिया है कि यूपी के उद्योगों का धुंआ दिल्ली की ओर नहीं आता, यह दूसरी ओर चला जाता है.
CJI ने पूछा- आप पाकिस्तान के उद्योग बंद करवाना चाहते हैं
दरअसल, सुनवाई के दौरान कुछ हल्का-फुल्का क्षण भी आया. यूपी सरकार की ओर से पेश वकील रंजीत कुमार ने कहा, हमारी तरफ से हवा दिल्ली नहीं आ रही. हम खुद हवा के बहाव के क्षेत्र में हैं. हवा पाकिस्तान की तरफ से आ रही है. वहीं, चीफ जस्टिस ने सीवी रमन्ना ने मजाक के लहजे में कहा, तो आप पाकिस्तान के उद्योग बंद करवाना चाहते हैं?
अगले शुक्रवार को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अगले शुक्रवार तक सुनवाई टाल दी है. कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा, गन्ने यानी चीनी और दूध के कारखानों को ज्यादा समय तक चालू करने की मांग को लेकर टास्क फोर्स कमिटी के समक्ष अर्जी दे. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार द्वारा बनाए जा रहे अस्पतालों के निर्माण को जारी रखने की इजाजत दी.
कोर्ट ने पूछा- क्या मजदूरों को दिए गए मुआवजा
कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा कि मजदूरों को भुगतान देने को लेकर उन्होंने क्या किया है जब कंट्रक्शन पर बैन था? क्या उन्होंने पैसे दिए? यूपी सरकार के वकील ने कहा कि वो इसके बारे में जानकारी हासिल कर अगली सुनवाई में कोर्ट में बताएंगे.
केंद्र और दिल्ली सरकार ने दाखिल किया हलफनामा
दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण को लेकर उठाए जा रहे कदमों को लेकर हलफनामा पेश किया. इसमें कहा गया है कि केंद्र द्वारा आयोग CAQM के निर्देशों पर स्कूलों को फिर से खोला गया था. लेकिन अब जब तक स्थिति ठीक नहीं हो जाती, स्कूल नहीं खोले जाएंगे.
उधर, केंद्र ने भी प्रदूषण के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों के बारे में सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी. केंद्र ने हलफनामा दाखिल कर कहा, हमने टास्क फोर्स बनाई है, जो रोज बैठक करेगी और फ्लाइंग स्क्वायड उसे रोज रिपोर्ट करेंगे. प्रदूषण के मामले में टास्क फोर्स जरूरी कदम उठाएगी. केंद्र ने बताया कि फ्लाइंग स्क्वायड दिल्ली और एनसीआर दोनों जगहों पर काम करेगी.
कोर्ट ने लगाई थी फटकार
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई हो रही है. इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी. साथ ही कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए कहा था कि हम 24 घंटे दे रहे हैं. सरकारें प्रदूषण पर तुरंत कदम उठाएं. नहीं तो हम आदेश जारी करेंगे.