संसद में करोलबाग से कोटा तक का मुद्दा उठा. करोलबाग के राजेंद्रनगर में यूपीएससी की तैयारी करने वाले तीन छात्रों की मौत के मुद्दे पर कई सांसदों ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा की मांग को लेकर नोटिस दिया तो वहीं पश्चिम बंगाल की टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कोटा में छात्रों के सुसाइड का मुद्दा उठाया. नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया और कहा कि यह दिल्ली सरकार की आपराधिक लापरवाही है. सपा सांसद अखिलेश यादव, शशि थरूर और पप्पू यादव ने भी ये मुद्दा उठाया.
नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि हमारे संसदीय क्षेत्र में हृदयविदारक घटना हुई है. दिल्ली के राजेंद्रनगर में नाले के पानी में डूबने से यूपीएससी की तैयारी करने वाले तीन छात्रों की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की लापरवाही के कारण इन बच्चों की जान गई है. मैं तो कहूंगी कि ये आपराधिक लापरवाही है. बीजेपी सांसद बांसुरी ने दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि एक दशक से आम आदमी पार्टी दिल्ली की सत्ता में है. एमसीडी और दिल्ली जल बोर्ड भी दिल्ली सरकार के नियंत्रण में है.
विधायकजी व्यंग्य कर रहे थे लेकिन नहीं लिया एक्शन- बांसुरी
बीजेपी सांसद ने कहा कि ओल्ड राजेंद्र नगर में जो हुआ, वहां के स्थानीय पार्षद और विधायक से स्थानीय निवासी इसकी शिकायत कर रहे थे. विधायकजी व्यंग्य कर रहे थे लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया. उन्होंने दिल्ली की सरकार पर प्रचार-प्रसार और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया और गृह मंत्रालय से इसे लेकर कमेटी बनाने की मांग की. बांसुरी के बाद केरल से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने मृतक छात्रों के लिए मुआवजे की मांग की और कहा कि एक रिपोर्ट में पढ़ रहा था कि 9 जुलाई को क्लियरेंस सर्टिफिकेट दिया गया था. शशि थरूर ने भी प्रशासन पर सवाल उठाए.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना को दर्दनाक बताते हुए कहा कि प्लानिंग और एनओसी की जिम्मेदारी सभी अधिकारियों की है. इस घटना का जिम्मेदार कौन है? उन्होंने कहा कि हम यूपी में देखते हैं कि बुल्डोजर चलता है. आपके माध्यम से ये जानना चाहता हूं कि इस इलीगल बिल्डिंग पर ये सरकार बुल्डोजर चलवाएगी या नहीं चलवाएगी. बिहार की पूर्णिया सीट से सांसद पप्पू यादव ने भी ये मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसमें हमारे बिहार की भी एक बच्ची तानिया थी. उन्होंने कहा कि ये एक घटना नहीं है.
राज्यसभा में ढाई घंटे होगी कोचिंग सेंटर्स से जुड़े विषय पर चर्चा
पप्पू यादव ने कोचिंग सेंटर्स के लिए गाइडलाइंस और सुरक्षा उपायों के न होने को वजह बताया. इससे पहले, उच्च सदन राज्यसभा में बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी और आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल समेत आधा दर्जन सांसदों ने नियम 267 के तहत चर्चा की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया. सभापति जगदीप धनखड़ ने इस पर चर्चा की अनुमति नहीं दी. सभापति ने कोचिंग सेंटर्स से जुड़े मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि इस पर नियम 276 के तहत चर्चा होगी. उच्च सदन में इस पर चर्चा के लिए ढाई घंटे का समय आवंटित किया गया है.
राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा के लिए कांग्रेस ने नहीं दी सहमति
इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मेरा कहना है कि जितनी जल्दी इस पर चर्चा शुरू होगी, उतना ही फायदा होगा. सभापति जगदीप धनखड़ ने इस पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से उनकी राय पूछी. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने मणिपुर से लेकर कई मुद्दों पर नियम 267 के तहत चर्चा की मांग आपसे की लेकिन ये सहमत नहीं हुए. सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि यानि आप इस पर सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि मुझसे पहले जो विद्वान इस कुर्सी पर बैठते थे, उन्होंने इस परंपरा की शुरुआत की थी कि 267 के तहत चर्चा के लिए कम से कम मेजर पार्टियों की सहमति होनी चाहिए.
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इसी पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कुछ कहने के लिए हाथ उठाया. सभापति जगदीप धनखड़ ने संजय सिंह को बैठने का इशारा करते हुए कहा कि जब एक राय आ गई है तो नियम 267 एडमिट नहीं हो रहा है. सभापति ने विपक्ष के नेता से शॉर्ट डिस्कशन को लेकर राय मांगी और कहा कि फाइनल कॉल मुझे लेना है. सभापति जगदीप धनखड़ ने इसके बाद कहा कि प्रोफेसर रामगोपाल यादव की ओर से परीक्षा पैटर्न को लेकर दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक शून्यकाल के लिए नोटिस दिया है.
रामगोपाल यादव ने की पुरानी परीक्षा पद्धति बहाल करने की मांग
प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि ये बहुत ही गंभीर मामला है. शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास है. नई शिक्षा पद्धति में, खासतौर से कॉम्पेटेटिव परीक्षा में प्रतियोगियों के लिए अपने व्यक्तित्व को एक्सप्रेस करने का जो स्पेस होता था, उसे खत्म कर दिया है. उन्होंने पहले 200 से 250 शब्दों में उत्तर लिखना होता था लेकिन अब सब ऑब्जेक्टिव हो गया है. उन्होंने कहा कि कोई सवाल पूछा जाता है कि मोदी, वाजपेयी, नेहरू में कौन बेहतर पीएम है. ए, बी, सी, डी ऑप्शन में से टिक कर देना है. रीजनिंग तो होनी चाहिए. इसलिए सरकार से हमारी मांग है कि इस पद्धति को बदलें और पुरानी पद्धति को लागू करिए.
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लोकसभा में उठा कोटा में छात्रों के सुसाइड का मुद्दा
टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कोटा में छात्रों के सुसाइड का मुद्दा उठाया. शिक्षा राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि राजस्थान सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए 2022 और 2023 में गाइडलाइंस जारी की थीं और उसे कोटा प्रशासन ने लागू किया था. सुकांत मजूमदार ने कहा कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए काउंसिलर्स को तैनात किया गया. टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया. उन्होंने कहा कि 10 हजार से अधिक गेटकीपर्स को मानसिक तनाव के शिकार छात्रों की पहचान करने के लिए ट्रेंड किया गया और डिनर विथ द डीएम प्रोग्राम चलाया गया.