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चोर इंसान तो क्या भगवान के घर पर भी हाथ साफ करने से बाज नहीं आते. ऐसा ही कुछ हुआ आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में. यहां प्राचीन कनक दुर्गा मंदिर में एक रथ से हुई चांदी के शेरों की चोरी की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. साथ ही एक कुख्यात चोर को गिरफ्तार किया है.
मंदिर प्राचीन है लेकिन ये रथ करीब पांच दशक पूर्व बना है, जिससे चांदी के तीन शेरों को चुराया गया. धार्मिक जूलुस आदि में ही इस रथ को बाहर निकाला जाता है, नहीं तो ये मंदिर के एक कक्ष में ही रहता है. मंदिर के रथ से चांदी के शेर चोरी होने का 16 सितंबर 2020 को पहली बार पता चला. उस वक्त श्रद्धालुओं में नाराजगी फैल गई थी.
स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) की ओर से आंध्र प्रदेश में मंदिरों को निशाना बनाए जाने की जांच की जा रही है. कनकदुर्गी मंदिर से चांदी के शेरों की चोरी पर राज्य की सियासत भी गर्म रही थी. अब विजयवाड़ा पुलिस को इस केस को सुलझाने में कामयाबी मिली है.
इसी चोरी के आरोप में पुलिस ने 49 साल के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. पश्चिमी गोदावरी जिले का रहने वाला ये शख्स इस तरह की करीब 20 चोरियों को अंजाम दे चुका है. सिटी पुलिस चीफ बी श्रीनिवासालु ने जे साईबाबा को आदतन चोर बताया.
साई बाबा कनक दुर्गा मंदिर में सफाई कर्मचारी के हुलिए में रात 9 बजे घुसा. वहां उसने हथौड़ी-छैनी की मदद से रथ से तीन चांदी के शेर उतार लिए. रथ पर ऐसे चार शेर थे लेकिन चोर तीन को उतार कर ही ले जाने में कामयाब हुआ. हर शेर का वजन 3 किलोग्राम था. चोर ने चांदी पिघला कर एक सुनार को बेच दी. पुलिस ने सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया है.