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कहीं अस्पताल फुल, कहीं खुले आसमान के नीचे इलाज... वायरल फीवर से UP-MP-बिहार में हाहाकार

यूपी की बात करें तो प्रदेश के कई जिलों में रहस्यमयी बुखार का कहर टूटा है. पूरे राज्य में अबतक लगभग 90 लोगों की मौत हो चुकी है. सिर्फ फिरोजाबाद में ही अब तक ये बुखार 55 लोगों की जान ले चुका है, इसमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं. अब इस रहस्यमयी बुखार का दायरा बढ़ता ही जा रहा है.

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6 सितंबर को प्रयागराज के इमरजेंसी वार्ड की स्थिति (फोटो- पीटीआई)
6 सितंबर को प्रयागराज के इमरजेंसी वार्ड की स्थिति (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी में अबतक 90 लोगों की मौत
  • पटना के NMCH अस्पताल में बिस्तर फुल
  • एमपी के ग्वालियर में भी वायरल का वायरस

रहस्यमयी बुखार का दायरा बढ़ता ही जा रहा है. यूपी के फिरोज़ाबाद से शुरू हुआ बुखार का ये कहर बिहार और मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है. बिहार में कोरोना के सेकेंड वेव की तरह अस्पताल एक बार फिर फुल हो गए हैं. एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज हो रहा है, वहीं ग्वालियर में ये वायरस तेजी से फैल रहा है. 

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अगर सबसे पहले यूपी की बात करें तो प्रदेश के कई जिलों में रहस्यमयी बुखार का कहर टूटा है. पूरे राज्य में अबतक लगभग 90 लोगों की मौत हो चुकी है. सिर्फ फिरोजाबाद में ही अब तक ये बुखार 55 लोगों की जान ले चुका है, इसमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं.

अब इस रहस्यमयी बुखार का दायरा बढ़ता ही जा रहा है. यूपी के 8 जिलों में वायरल जैसे लक्षणों वाले इस रहस्यमयी बुखार का खौफ है. यूपी के कासगंज, एटा, मथुरा, फिरोज़ाबाद, मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी और फर्रुखाबाद में बुखार के मरीजों का बुरा हाल है. 

 रहस्यमयी बुखार का अब तक कोई तोड़ नहीं

कासगंज से लेकर एटा, मथुरा से लेकर फिरोज़ाबाद, मेरठ से लेकर प्रयागराज और वाराणसी से लेकर फर्रुखाबाद तक बच्चे और बड़े रहस्यमयी बुखार से तप रहे हैं. मरीजों से अस्पताल भरे पड़े हैं. लेकिन इस रहस्यमयी बुखार का कोई तोड़ नहीं निकल पा रहा है. कोई इसे वायरल फीवर बताता है, तो कहीं डेंगू कहा जाता है. बुखार से दम तोड़ने वाले लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है. 

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झोला छाप डॉक्टर के हवाले इलाज

यूपी के कासगंज में आजतक संवाददाता आशुतोष पहुंचे. यहां अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है. घर-घर में बुखार से दहशत है. कासगंज के ग्रामीण इलाकों की तरफ हम बढ़े तो यहां मजबूरी और बेबसी की स्थिति है. लोग झोला छाप डॉक्टरों से इलाज करवाने को मजबूर हैं, बुखार ठीक करने के लिए लिक्विड चढ़ाया जा रहा है. 

दुकान में बरामदे में हो रहा है इलाज

महामारी ने विकराल रूप लेना शुरू किया तो स्वास्थ्य विभाग ने गांव-गांव चिकित्साकर्मियों की टीम भेजनी शुरू कर दी है जो टेस्टिंग भी कर रहे हैं और दवाइयां भी दे रहे हैं. कासगंज के डॉ मुकेश कुमार ने कहा कि स्थिति कंट्रोल में है लेकिन लोग कह रहे हैं कि घरों में बुखार से मरीज तप रहे हैं, और उन्हें इलाज नहीं मिल रहा है.

यहां दुकान के बाहर, बरामदे में जैसे तैसे लोगों को ड्रिप चढ़ाया जा रहा है. इलाज का ज्यादा जिम्मा झोला छाप डॉक्टरों के हाथ में है.

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एटा में हम पहुंचे तो यहां स्थिति और भी खराब है. कुटियालपुर बाजार में एक दुकान के नीचे 26 साल के श्री कृष्ण लेटे हैं जिनके हाथों में ड्रिप लगी है. दुकान दवा की है, लेकिन दवा के अलावा और भी बहुत कुछ बिकता है. मौके पर डॉक्टर तो नहीं हैं लेकिन वायरल और कमजोरी से ग्रस्त श्री कृष्ण का यहां ऐसे ही इलाज चल रहा है. मरीज कहते हैं कि डॉक्टर बुखार की गोली दे देते हैं कुछ देर असर होता है और बुखार फिर आ जाता है. 

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बिहार में भी रहस्यमयी बुखार

सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बिहार में भी रहस्यमयी बुखार लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है, कोई इसे चमकी बुखार बता रहा है, तो कोई वायरल फीवर, और इस बुखार का शिकार ज़्यादातर बच्चे हो रहे हैं.  

बिहार के आरा में वायरल फीवर का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ने लगा है. यहां बच्चों में तेज बुखार, खांसी और सांस फूलने की शिकायत आ रही है. हर रोज करीब 10-15 बच्चे बीमार पड़ रहे हैं. बिहार के सारण में तो वायरल बुखार से 3 बच्चों की मौत हो चुकी है, अब तक 21 बच्चे वायरल बुखार की शिकायत के चलते भर्ती हो चुके हैं. 

पटना सिटी के नालंदा मेडिकल कॉलेज का हाल ऐसा है कि बच्चों के लिए बने 84 बेड पर 87 मरीज भर्ती हैं.  एक बेड पर दो दो मरीजों का इलाज चल रहा है. 

नालंदा मेडिकल कॉलेज बिहार का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल है, डॉक्टरों का कहना है कि अभी तक सब कंट्रोल में है, लेकिन इससे ज़्यादा बच्चे आए तो दिक्कत हो सकती है. डॉक्टर कह रहे हैं कि बच्चों में बुखार, खांसी, सर्दी के लक्षण ज़्यादा है. ये मौसम में बदलाव के चलते हो सकता है. 

मध्य प्रदेश तक पहुंचा वायरल का वायरस 

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यूपी के पड़ोस में स्थित होने के कारण वायरल फीवर के वायरस ने मध्य प्रदेश में भी दस्तक दे दिया है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में वायरल फीवर के केस लगातार बढ़ रहे हैं. जयारोग्य अस्पताल में 30 बच्चों के भर्ती होने से प्रशासन की टेंशन बढ़ गई है. 

सिर्फ ग्वालियर ही नहीं बल्कि एमपी के आगर मालवा ज़िले में भी रहस्यमयी बुखार अपना कहर बरपा रहा है. लोगों में बुखार सर्दी खांसी और बदन दर्द को लेकर तकलीफ से बढ़ती जा रही है, हालात ये हैं कि शासकीय अस्पताल हो या निजी अस्पताल मरीजों की भरमार दिखाई दे रही है. (ब्यूरो रिपोर्ट)

 

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